कोलकाता, 23 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित न करने के लिए केंद्र को लताड़ा और कहा कि इस महान स्वतंत्रता सेनानी को अभी तक अपना उचित हक नहीं मिला है।
उन्होंने कहा, “नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को अभी तक एक राष्ट्रीय अवकाश घोषित नहीं किया गया। क्या हम उनके प्रति इतना भी सम्मान नहीं दिखा सकते?”
बोस को उनकी 121वीं जयंती पर यहां इंदिरा गांधी सरनी में श्रद्धांजलि देने के बाद ममता ने कहा, “राज्य ने सालों पहले 23 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया था।”
उन्होंने कहा, “इस देश के लोग जानना चाहते हैं कि नेताजी के साथ क्या हुआ था। यहां एक ऐसा संस्करण है, जिसपर केवल एक वर्ग का विश्वास है।”
बनर्जी ने योजना आयोग को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा, “योजना आयोग नेताजी का सपना था। लेकिन भाजपा ने सत्ता (2014) में आने के बाद इसे समाप्त कर दिया।”
उन्होंने ट्वीट कर कहा, “नेताजी एक राष्ट्रीय हीरो, देशभक्ति, निस्वार्थ सेवा, साहस, गरिमा और समर्पण के प्रतीक हैं। आज का दिन हमारी युवा पीढ़ी समेत हम सभी के लिए देश और लोगों की भलाई के लिए अथक काम करने के लिए फिर से प्रतिज्ञा करने का है। जय हिंद।”
पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नेताजी और स्वामी विवेकानंद की जयंतियों को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने आग्रह किया था।
बोस की जयंती पर एक अलग कार्यक्रम में राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि यह उचित होगा यदि राष्ट्रीय अवकाश की राज्य की मांग केंद्र सरकार मान ले।
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