नेपाली संविधान से ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटेगा

काठमांडू, 27 जुलाई (आईएएनएस)। नेपाल की राजनीतिक पार्टियों ने नए संविधान से ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटाने पर सहमति बना ली है।

नेपाल के कट्टर यूनीफाइड कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-माओवादी (यूसीपीएन-एम) के दशकों लंबे चले हिंसक संघर्ष के बाद राजनीति की मुख्य धारा से जुड़ जाने से 2007 में देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया था।

इस फैसले ने नेपाल के सदियों पुराने हिंदू साम्राज्य होने की पहचान को समाप्त कर दिया था। नेपाल में 80 फीसदी जनसंख्या हिंदू है।

राजनीतिक पार्टियों ने नए संविधान पर लाखों लोगों की प्रतिक्रिया पर यू-टर्न लेते हुए धर्मनिरपेक्ष शब्द हाटने का फैसला किया।

संविधान सभा के मुताबिक, अधिकांश लोग धर्मनिरपेक्ष की जगह ‘हिंदू’ तथा ‘धार्मिक आजादी’ शब्द संविधान में शामिल कराना चाहते हैं।

नेपाल में जल्द नए संविधान की घोषणा की जाएगी।

यूसीपीएन-माओवादी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल ऊर्फ प्रचंड ने सोमवार को मीडिया से कहा, “धर्मनिरपेक्ष शब्द इसमें फिट नहीं बैठता। इसलिए हम इसकी जगह दूसरा शब्द जोड़ रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इस शब्द ने लोगों को परेशान किया है। इसने लाखों लोगों की भावना को आहत किया है। हमें लोगों के फैसले का आदर करना चाहिए।”

नेपाली कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफाइड मार्क्‍सिस्ट लेनिनिस्ट और मधेशी पार्टियों ने भी धर्मनिरपेक्ष शब्द हटाने पर सहमति जताई है।

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