काठमांडू, 1 मार्च (आईएएनएस)। कनाडाई अंतर्रष्ट्रीय विकास अनुसंधान केंद्र ने नेपाल के पुनर्निर्माण में मदद करने की घोषणा की है। पिछले साल अप्रैल में नेपाल में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था जिससे यहां भारी क्षति हुई थी। इस आशय के मंगलवार को जारी एक बयान में यह बात कही गई।
कनाडाई अंतर्राष्ट्रीय विकास अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष जीन लेबेल और नेपाल में कनाडा के राजदूत नादिर पटेल ने नेपाल में 12 लाख डॉलर निवेश करने की घोषणा की जो घरों और सार्वजनिक भवनों, आधारभूत संरचनाओं के पुनर्निर्माण और साथ ही भावी प्राकृतिक आपदाओं की गंभीरता को कम करने तथा बेहतर आपदा प्रबंधन पर खर्च किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय सहभागी अंतर्राष्ट्रीय समग्र पर्वतीय विकास केंद्र (आईसीआईएमओडी) के साथ मिलकर आईडीआरसी धुंगेन्तर वार्ड में पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यो में सहयोग करेगा। गौरतलब है कि आडीआरसी नेपाल में जलवायु और जल से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए 20 साल से काम कर रहा है।
आईआरडीसी ने अपने बयान में कहा कि इस पहल से समुदायों और संस्थानों की आपदा प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन अनुकूलन क्षमता में वृद्धि होगी और साथ ही पर्यावरण अनुकूल, जलवायु और भूकंप की दृष्टि से लोचदार घर बनाने में मदद मिलेगी।
उधर, कनाडा सरकार ने नेपाल की समस्या के मद्देनजर 2 करोड़ 30 लाख डॉलर की मानवीय सहायता दी है। यह राशि अनुभवी मानवीय सहभागियों जिनमें संयुकत राष्ट्र मानवीय एजेंसियां, कनाडाई स्वयं सेवी संगठनों अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस फेडरेशन और रेड क्रेसेन्ट सोसायटीज शामिल हैं, को भेज दी गई हैं।
नेपाल में कनाडाई राजदूत ने कहा, “कनाडा त्रासदी से प्रभावित कमजोर नेपाली लोगों की मदद के लिए नेपाल के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है। आईडीआरसी के सहयोग से नेपाल में चल रही आईसीआईएमओडी की परियोजनाओं से भूकंप प्रभवितों के दीर्घकालीन पुनर्वास में मदद मिलेगी।”
आईसीआईएमओडी के महानिदेशक डेविड मोल्डेन ने कहा कि हिमालय का पूरे हिन्दूकुश क्षेत्र में भूकंप का बड़ा खतरा है इसलिए इस क्षेत्र के अन्य देशों के साथ भी यहां का अनुभव बांटा जाना चाहिए।
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