काठमांडू, 2 मई (आईएएनएस)। भूकंप की त्रासदी झेल रहे नेपाल को चारों-ओर से मदद मिल रही है, लेकिन भूकंप के एक सप्ताह बाद भी इस आपदाग्रस्त देश को 35 लाख लोगों के लिए भोजन और 4,00,000 तंबुओं की जरूरत है।
काठमांडू, 2 मई (आईएएनएस)। भूकंप की त्रासदी झेल रहे नेपाल को चारों-ओर से मदद मिल रही है, लेकिन भूकंप के एक सप्ताह बाद भी इस आपदाग्रस्त देश को 35 लाख लोगों के लिए भोजन और 4,00,000 तंबुओं की जरूरत है।
नेपाल में 25 अप्रैल को आए 7.9 तीव्रता वाले भूकंप में 6,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, भूकंप में लगभग 1,50,000 घर बर्बाद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 14,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं और 1,60,000 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
भूकंप से इस पर्वतीय देश में 2.8 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं।
नेपाल के गृहमंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी सूचना के अनुसार, भूकंप में मरने वाले भारतीयों की संख्या 38 और घायल भारतीयों की संख्या 10 है, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अभी भी घरों के मलबे से शव निकाले जा रहे हैं।
भारत और अन्य देशों की बचाव और राहत टीमें तेजी से काम कर रही हैं। इस दुख की घड़ी में नेपाल को नकद और अन्य तरह से सहायता और सहयोग मिल रहा है, लेकिन दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र होने के कारण बचाव और राहत सामग्री का वितरण चुनौती बना हुआ है।
बचाव और खोज अभियान चला रही नेपाली सेना का कहना है कि संकट की इस घड़ी में नेपाल को उतनी अंतर्राष्ट्रीय सहायता नहीं मिल रही है, जितनी जरूरत है।
शनिवार को जारी एक बयान में बताया गया है कि प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर केंद्रीय कमान की चौकी का निरीक्षण किया, जिसमें राहत सामग्री भंडारण की स्थिति दयनीय दिखी।
सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कोईराला ने कहा कि नेपाल को मिली सहायता सामग्री, उम्मीद और जरूरत से कम है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बचाव और राहत समग्री वितरण में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का प्रयास प्रभावी नहीं है। सरकारी एजेंसियों के बीच समन्यवय की कमी से भी राहत कार्यो में बांधा आ रही है।
पुरातत्वविदों का कहना है कि काठमांडू में क्षतिग्रस्त और धराशायी स्मारकों की मरम्मत और नवीनीकरण में एक दशक का समय लगेगा, जिसके लिए अरबों रुपयों की जरूरत होगी।
नेपाल सरकार ने पुनर्निर्माण के लिए दो अरब डॉलर की राशि जुटाई है। संयुक्त राष्ट्र सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदायों ने नेपाल की सहायता करने का आह्वान किया है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, भूकंप में 1,320,503 निजी घर और 10,464 सरकारी मकान बर्बाद हो गए हैं। इसके अलावा 1,35,970 निजी घर और 14,188 सरकारी घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नेपाल इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ध्रुव थापा ने बताया कि उनका कार्यालय पूरे देश में 2,000 से अधिक इंजीनियर भेजेगा।
संयुक्त राष्ट्र की एक रपट के अनुसार, भूकंप के बाद नेपाल में लगभग 28 लाख लोग विस्थापित हुए हैं।
बैंकाक स्थिति एशियन डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस सेंटर ने बताया कि भूकंप में 4,500 से अधिक स्कूली इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
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