नेपाल : भारतीय स्वयंसेवकों ने बढ़ाए मदद के हाथ

काठमांडू, 1 मई (आईएएनएस)। भूकंप प्रभावित नेपाल में असहायों की मदद करने और घायलों के घाव भरने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से भारतीय स्वयंसेवी मौजूदा बचाव अभियानों में सहयोग के लिए आगे आए हैं।

काठमांडू, 1 मई (आईएएनएस)। भूकंप प्रभावित नेपाल में असहायों की मदद करने और घायलों के घाव भरने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से भारतीय स्वयंसेवी मौजूदा बचाव अभियानों में सहयोग के लिए आगे आए हैं।

नेपाल में 25 अप्रैल को भूकंप आया था, जिसमें 6,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 10,000 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

चिकित्सकों, गैर सरकारी संगठनों के दल और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के स्वयंसेवी बचाव अभियान में तेजी लाने और पीड़ितों की मदद के लिए नेपाल पहुंच गए हैं।

इसके अलावा, चिंतित संबंधियों ने भी यहां पहुंचना शुरू कर दिया है।

दिल्ली में रहने वाले नेपाली छात्र मुकेश शाह (24) भी शुक्रवार को काठमांडू पहुंच गए।

मुकेश के मुताबिक, “पिछले सप्ताह टिकट नहीं मिलने की वजह से मैं नहीं आ सका था।”

हालांकि, शाह अब चिंतामुक्त है। क्योंकि उनका परिवार (मां-पिता, बहन) सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा, “जब भूकंप आया, मेरी बहन घर पर थी और परिजन बाहर थे।”

बेंगलुरू मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक स्मिता सेगू भूकंप पीड़ितों का इलाज करने के लिए चिकित्सकों के एक दल के साथ नेपाल पहुंच गई हैं।

पेशे से प्लास्टिक सर्जन सेगू दो प्लास्टिक चिकित्सकों, दो विकलांग विशेषज्ञों, एक शिशु रोग विशेषज्ञ और एक सामान्य चिकित्सक के साथ नेपाल पहुंची हैं।

उन्होंने कहा, “जिन लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, उन्हें प्लास्टिक सर्जन और विकलांग विशेषज्ञकों की जरूरत होगी।”

चंडीगढ़ के एक गैर सरकारी संगठ, कम्युनिटी आउटरीच सेंटर के स्वयंसेवी रणदीप मैथ्यू 11 लोगों के दल के साथ नेपाल पहुंच गए हैं, जिनमें चिकित्सक भी शामिल हैं। यह दल अपने साथ दवाइयां भी लाया है।

मैथ्यू ने कहा कि हमारे दल की नाकीपुर जैसे दूरस्थ स्थानों का दौरा करने की योजना है, जहां बचाव कार्य ज्यादा नहीं हुआ है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के सदस्य भी नेपाल में डेरा जमाए हुए हैं। ये कंबल वितरित करेंगे और लंगर का आयोजन करेंगे।

डीएसजीएमसी के कुलवीर सिंह ने कहा, “हम यहां भूकंप पीड़ितों की सेवा के भाव से आए हैं।”

इसके अलावा, अबू धाबी की चर्च कार्यकर्ता नवीना थॉमस (48) भी यहां भूकंप प्रभावित लोगों की मदद कर रही हैं।

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