काठमांडू, 10 मई (आईएएनएस)। नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप में राजधानी के व्यावसायिक इलाके में धराशायी हुए अधिकांश नवनिर्मित इमारतों के निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
गोंगाबू, बालाजू, थामेल तथा चबाहिल जैसे इलाकों में कई इमारतें धराशायी हो गईं। इस आपदा में अबतक आठ हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
इन इलाकों में आवासीय इस्तेमाल के लिए दो या तीन मंजिला मकान बनाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन इलाकों के व्यावसायिक केंद्र बनने के बाद नियमों को ताक पर रखकर उन्हें धीरे-धीरे बहुमंजिला इमारतों में तब्दील कर दिया गया।
समाचार वेबसाइट कांतिपुर डॉट कॉम के मुताबिक काठमांडू घाटी विकास प्राधिकार के आयुक्त भाई काजी तिवारी ने कहा कि इन इलाकों में शुरुआत में अधिकांश इमारतों का निर्माण आवासीय उद्देश्य से किया गया था, लेकिन बाद में इनका व्यावसायिक रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा।
अधिकारियों के मुताबिक, उन व्यावसायिक परिसरों में कम तबाही मची है, जहां निर्माण के वक्त न्यूनतम मानदंडों का खयाल रखा गया और विभाग से मंजूरी ली गई।
तिवारी ने कहा, “इन इमारतों से मकान मालिक लाखों रुपये किराया वसूल रहे थे। वे विभाग को जुर्माना भी भरते थे, क्योंकि यह रकम छोटी सी होती थी। संसाधनों की कमी की वजह से हम मकानों को ध्वस्त करने में सक्षम नहीं थे।”
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक कमल सिंह बोम ने कहा कि आवासीय इस्तेमाल की अपेक्षा व्यावसायिक उद्देश्य से इस्तेमाल की जाने वाली इमारतें आपदा के लिहाज से ज्यादा खतरनाक हैं।
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