काठमांडू, 2 मई (आईएएनएस)। नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के एक सप्ताह बाद भी हजारों की संख्या में घायल पशु भी इस त्रासदी की मार से जूझ रहे हैं।
गैर सरकारी संगठन, ह्यूमन सोसायटी इंटरनेशनल के मुताबिक, “इमारतों के ढहने और मलबा गिरने की वजह से हजारों की संख्या में पशुओं की मौत हुई है।”
संस्था के अनुसार, “हमने कई गांवों में ऐसी स्थितियां देखी है, जहां पशुओं के पास कोई ठिकाना नहीं है। घायलावस्था में उन्हें भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। हम कुछ प्रत्यक्ष चोट जैसे, कांट-छांट और चीर-फाड़ के लिए इलाज तो करने में सक्षम है, लेकिन हमने यह महसूस किया है कि इस त्रासदी में जीवित बचे पशुओं के लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण है।”
एचएसआई एशिया के निदेशक राहुल सहगल के मुताबिक, “बुनियादी जरूरतों के अभाव में ज्यादातर बकरियों में श्वास संबंधी बीमारी के संकेत देखे जा सकते हैं और लगभग सभी पशु डायरिया से पीड़ित हैं।”
उन्होंने कहा, “ये पशु इतनी बड़ी त्रासदी झेल चुके हैं और इन्हें श्वास संबंधी बीमारियों से इस तरह मरते देखना बहुत पीड़ादायक है। क्योंकि श्वास संबंधी बीमारियों से इनका आसानी से बचाव किया जा सकता है।
विनाशकारी भूकंप की वजह से घायल हुए और दुर्गति से गुजर रहे इन पशुओं को आपातकालीन पशु चिकित्सा दी जा रही है और ह्यूमन सोसाइटी इंटरनेशल के पशु बचाव दल के सदस्य इनका देखभाल कर रहे हैं।
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