नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। आधुनिक समय में सोशल नेटवर्किं ग की बढ़ती लोकप्रियता और पहुंच को देखते हुए भारत सरकार ने नेपाल में भूकंप प्रभावित लोगों तक पहुंचने के लिए अग्र-सक्रियता दिखाते हुए ट्विटर और फेसबुक का इस्तेमाल किया।
लापता लोगों से लेकर उन्हें दिए जाने वाली सहायता तक की जानकारी के लिए सरकार ने सोशल मीडिया की शक्ति का इस्तेमाल किया, जो वर्चुअल मीडिया के रूप में भी जाना जाता है।
नेपाल और भारत के कुछ हिस्से में शनिवार को 7.9 तीव्रता के भूकंप आने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्विटर का इस्तेमाल लोगों को राहत कार्य तथा हेल्पलाइन नंबर देने में किया।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हिमालयी देश में फंसे हुए लापता लोगों के परिजनों एवं मित्रों को सूचना देने के लिए उनके सवालों पर तुरंत प्रतिक्रिया दी।
उनके तत्काल प्रतिक्रिया देने पर सरकार की ट्विटर पर काफी सराहना हुई।
आईटी परामर्शदाता अमित कुमार ने ट्विटर पर लिखा, “सुषमा स्वराज विदेश मंत्रालय को अग्र-सक्रिय बनाने के लिए शाबाशी। भारतीय वायुसेना और एनडीआरएफ तथा चिकित्सकों के लिए मन में बहुत सम्मान है।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि बदहवास अमृतांश दाश ने 78 वर्षीय व्यक्ति का पता लगाने के लिए सरकार से मदद मांगी और उनका फोटो तथा ब्यौरा ट्विटर पर पोस्ट किया और 20 मिनट से भी कम वक्त में उसके पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी गई।
स्वरूप ने कहा, “जानकारी के लिए धन्यवाद। हम घटनास्थल पर मौजूद अपने अधिकारियों को यह जानकारी दे रहे हैं।”
ट्विटर पर लोग हैश टैग नेपालअर्थक्वैक, हैश टैग थैंकयूपीएम, हैश टैग ओपीमैत्री, हैश टैग नेपालक्वैक और हैश टैक इंडियाविद नेपाल ट्रेंड के साथ भूकंप प्रभावित लोगों के प्रति सद्भावना दिखा रहे हैं।
रक्तदान करने वाली संस्था ब्लाडडोनर्सऑफइंदौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और गृह मंत्री के ट्वीट को संबोधित करते हुए पोस्ट किया, “सर/मैडम, मैं और मेरे स्वयंसेवा नेपाल की सभी रक्त की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।’
इसके अतिरिक्त सरकार नेपाल भेजी जा रही मदद की तस्वीर के जरिए विश्वभर को जानकारी मुहैया करा रही है।
लोग सूचना साझा करने के लिए फेसबुक का भी सहारा ले रहे हैं।
काठमांडू के बीर अस्पताल के मैक्स दीपेश खत्री ने पोस्ट किया, “बीर अस्पताल के ट्रामा सेंटर के अंदर और बाहर नर्स मौजूद हैं। कृपया तुरंत जानकारी दें। सहायता की कमी के कारण सर्जरी रूकी हुई है। अगर आप किसी नर्स को जानते हैं, कृपया उन्हें जानकारी दें।”
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