काठमांडू, 29 मई (आईएएनएस)। स्थानीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में आंदोलनकारी मधेसी पार्टियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नेपाल सरकार ने चुनाव की तारीख 14 जून से बढ़ाकर 23 जून कर दी है।
नेपाल सरकार के प्रवक्ता सुरेंद्र कारी ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला किया गया, ताकि 14 मई को हुए पहले चरण में हिस्सा न लेने वाली मधेस पार्टियों की भागीदारी दूसरे चरण में सुनिश्चित हो सके।
मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक, चुनाव के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा, ताकि मधेसी पार्टियों का त्वरित पंजीकरण हो सके व उन्हें चुनाव चिन्ह मिल सके।
सरकार हालांकि इन पार्टियों की दो प्रमुख मांगों पर मौन है। इन मांगों में नए संविधान में संशोधन ताकि उसे मधेसियों के अनुकूल व समग्र बनाया जा सके तथा तराई/मधेस क्षेत्र में स्थानीय इकाइयों की संख्या बढ़ाना शामिल है। सरकार की चुप्पी के कारण यह कहना मुश्किल है कि मधेसी दल 23 जून के चुनाव में हिस्सा लेंगे या नहीं।
संविधान में संशोधन करने में बार-बार विफल होने के बाद सरकार ने तराई/मधेस क्षेत्र में स्थानीय इकाइयों की संख्या 22 करने का फैसला किया था, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी।
मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि वह सर्वोच्च न्यायालय से अपील करेगा कि तराई/मधेस क्षेत्र में स्थानीय इकाइयों की संख्या बढ़ाने पर लगी रोक को हटाए।
नेपाल में स्थानीय निकाय चुनाव दो दशक बाद हो रहे हैं।
सत्ताधारी पार्टी, विपक्ष तथा मधेस पार्टियों के बीच रविवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने चुनाव की तारीख टालने का प्रस्ताव रखा था।
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