काठमांडू, 5 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में पुष्प कमल दहल प्रचंड के नेतृत्व वाली नई सरकार ने नए संविधान के विरोध को लेकर तराई में प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वालों के परिवार को 10-10 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला शुक्रवार को लिया।
प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के नेतृत्व में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की एक बैठक में यह फैसला लिया गया।
सरकार ने आंदोलनकारी मधेस राजनीतिक दलों के साथ बुधवार को हुए समझौते को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि जारी करने का फैसला किया।
प्रधानमंत्री के चुनाव से पहले मधेसी पार्टियों, सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस तथा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) गठबंधन ने इस संवेदनशील मुद्दे पर तीन सूत्री समझौते को लेकर सहमति जताई थी।
बीते साल सितंबर से लेकर अब तक नौ महीने की अवधि में कुल 59 लोगों को जान गंवानी पड़ी, जबकि कई लोग घायल हुए।
सरकार ने सभी घायलों को सभी आवश्यक चिकित्सकीय मदद देने का फैसला किया है। उन्हें चिकित्सा के लिए पहले ही कुछ राशि दी गई है।
समझौते के तहत, मधेसी प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों को सरकार शहीद का दर्जा देगी।
तराई प्रदर्शन के दौरान सरकारी एजेंसियों द्वारा कथित अत्याचार की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया जाएगा। कैबिनेट ने गृह मंत्रालय को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
लोकप्रिय मधेसी नेता उप्रेंद्र यादव ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
इस बीच, उप प्रधानमंत्री कृष्ण बहादुर महारा ने कहा कि सरकार ने उस प्रस्ताव को भी वापस लेने का फैसला किया है, जिसमें 14 राजदूतों के नाम हैं। प्रस्ताव को के.पी.शर्मा ओली की पूर्ववर्ती सरकार ने आगे बढ़ाया था।
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