बयान के मुताबिक, नॉर्वे के आव्रजन व एकीकरण मंत्री सिल्वी सिस्थुआग ने कहा, “शरणार्थियों को शरण प्रदान करने में बरती जा रही सख्ती को लेकर यह निर्देश महत्वपूर्ण है।”
बयान में कहा गया है कि शरणार्थी संकट से निपटने के लिए लेबर पार्टी तथा सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी द्वार नवंबर 2015 में किए गए समझैते की तर्ज पर यह निर्देश दिया गया है। साथ ही, जब अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरत खत्म हो गई हो, तब शरणार्थी सम्मेलन इस तरह के निर्देश की मंजूरी प्रदान करता है।
निर्देश के मुताबिक, अगर शरणार्थियों के देश में सुरक्षा, राजनीतिक व मानवाधिकारों के हालात बदलते हैं, तो नॉर्वे आव्रजन निदेशालय (यूडीआई) शरणार्थी का दर्जा व आवास परमिट खत्म करने पर विचार करेगा, जो शरणार्थियों की स्वदेश वापसी का संकेत होता है।
इसके अलावा, कुछ अन्य तथ्यों से यह बात सामने आती है कि शरणार्थी को अब संरक्षण की जरूरत नहीं रही, तो यूडीआई इस तरह के निर्देश जारी करेगा।
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