पटना, 21 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना सत्ता का विकेंद्रीकरण था। गांधी के सपने को पूरा करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के अधिकार में वृद्धि होनी चाहिए।
बिहार के नवनिर्वाचित सभी जिला परिषद, पंचायत समिति के जन प्रतिनिधियों और सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया के एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को वेबकास्टिंग के जरिए संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए सभी प्रतिनिधियों को पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों को निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में तीनों स्तर की संस्थाएं स्वायत हैं। आपस में समन्वय अगर रहे तो उसका बेहतर परिणाम होता है। मुख्यमंत्री ने सभी को समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की।
पंचायत प्रतिनिधियों की असामयिक मौत, दुर्घटना से शिकार होने पर बीमा योजना की मांग की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकाय के प्रतिनिधियों को कार्यकाल के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
सरकार के सात निश्चयों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इन निश्चयों में कई कार्य होने वाले हैं, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में शराबबंदी का उल्लेख करते हुए नीतीश ने कहा कि शराबबंदी लागू होने से गांव का माहौल काफी अच्छा हो गया है। यह समाज के उत्थान के लिए आवश्यक था।
उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि आप सभी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि भी नशाबंदी की शपथ जरूर लें।”
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