पंजाब में नंबर प्लेट को लेकर परेशान हैं गाड़ी वाले

चंडीगढ़, 19 जनवरी (आईएएनएस)। पंजाब में 13 लाख से ज्यादा मोटर वाहन मालिक गलत नंबर प्लेट दिए जाने से परेशान हैं। ऐसा चूक के कारण नहीं, बल्कि धोखाधड़ी की वजह से हुआ। उस समय सरकार मौन रही, और अब कार्रवाई के नाम पर उच्च सुरक्षा नंबर प्लेट लगाने वाले एक कंसोर्टियम का ठेका निरस्त कर दिया गया है।

चंडीगढ़, 19 जनवरी (आईएएनएस)। पंजाब में 13 लाख से ज्यादा मोटर वाहन मालिक गलत नंबर प्लेट दिए जाने से परेशान हैं। ऐसा चूक के कारण नहीं, बल्कि धोखाधड़ी की वजह से हुआ। उस समय सरकार मौन रही, और अब कार्रवाई के नाम पर उच्च सुरक्षा नंबर प्लेट लगाने वाले एक कंसोर्टियम का ठेका निरस्त कर दिया गया है।

पंजाब परिवहन विभाग ने 13 जनवरी को एक आदेश जारी कर तीन कंपनियों के कंसोर्टियम का ठेका निरस्त कर दिया। करीब 54 लाख वाहनों पर उच्च सुरक्षा पंजीकृत प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के लिए इस कंसोर्टियम को 2011 में ठेका दिया गया था।

इस कंसोर्टियम में तीन कंपनियां एग्रोस इंपेक्स, फ्रोस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड और ट्रिनिटी इंजीयरिंग सर्विसेस शामिल है। इस गड़बड़ी की जांच के बारे में सरकार ने हालांकि एक शब्द भी नहीं कहा है।

परिवहन क्षेत्र के सूत्रों की मानें तो गलत नंबर प्लेटों के कारण मोटर वाहन वालों को 50 करोड़ का नुकसान होने वाला है।

राहत सेफ्टी फाउंडेशन नाम के एनजीओ के मुताबिक, नंबर प्लेटों के बारे में ढेर सारी शिकायतों को देखते हुए सरकार द्वारा ठेका निरस्त किया गया है।

एक कंपनी को गलत नंबर प्लेट लगाने के कारण दो अन्य राज्यों में काली सूची में डाल दिया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ सोई ने आईएएनएस से कहा, “यह मुद्दा अकेले गलत नंबर प्लेट का ही नहीं है। कंपनियों ने गलत प्लेट लगाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे गलत प्लेटों के लिए कानून के तहत अनिवार्य रूप से पूरी होने वाली जरूरतों को भी पूरा नहीं कराया गया।”

“मात्र निरस्तीकरण ही पर्याप्त नहीं है। इस स्थिति के लिए कुछ को जवाबदेही लेने की जरूरत है। इससे वैधानिक और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा जुड़ा है। सुरक्षा विशेषताओं के बजाय गलत नंबर प्लेट दिए जाने को लेकर शिकायतें होने पर भी कंसोर्टियम के कारनामे को नजरअंदाज करने और चुप्पी साधने वाली पंजाब सरकार ने जाने किस वजह से 2011 में इस कंसोर्टियम को चुना था।”

पंजाब सरकार की सड़क सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष रहे सोई ने कहा, “तब क्या होगा जब किसी वाहन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधि के लिए या अपराध के लिए किया जाएगा? हम सीबीआई से या निगरानी विभाग से इसकी जांच की मांग कर चुके हैं।”

एचएसआरपी के लिए 2011 में कंसोर्टियम को पंजाब में पंजिकृत 54 लाख वाहनों पर दो वर्षो के भीतर नंबर प्लेट लगाने का ठेका दिया गया था।

कंपनियों ने अभी तक उन वाहनों में एक तिहाई पर भी काम पूरा नहीं किया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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