पठानकोट, 4 जनवरी (आईएएनएस)। पंजाब के पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के अड्डे पर सुरक्षा बलों के खोज और तलाशी अभियान के दौरान सोमवार को भी गोलियां चलने की आवाजें सुनी गईं।
पठानकोट वायुसेना के अड्डे पर शनिवार तड़के सुबह 3.30 बजे कुछ आतंकवादियों ने हमला कर दिया था।
वायु सेना अड्डे पर मौजूद पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह तलाशी अभियान से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि सुरक्षा बल पूरे इलाके को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
पठानकोट वायु सेना के एयर आफिसर कमांडिंग (एओसी) एयर कमांडर जे. एस. धमून ने कहा, “तलाशी अभियान रविवार को भी जारी था और यह अभियान अब लगभग पूरा होने वाला है। जब तक पूरे वायु सेना अड्डे से घुसपैठियों का सफाया नहीं कर दिया जाता, तब कर यह अभियान जारी रहेगा।”
पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और सेना के कमांडो आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका के मद्देनजर पूरे इलाके की तलाशी कर रहे हैं। ऐसी आशंका है कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए हैं।
वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने सारी रात पठानकोट अड्डे के ऊपर तलाशी जारी रखी। सेना और अर्ध-सैनिक बलों ने पूरे अड्डे की घेराबंदी कर ली है।
हालांकि एनएसजी कमांडो, वायुसेना के कमांडो और आर्मी स्पेशल फोर्स के कमांडो ने शनिवार को लगभग 15 घंटे तक चले मुठभेड़ में चार आतंकवादियों को मार गिराया था।
यहां रविवार को दो अन्य आतंकवादियों के साथ सुरक्षा बलों की गोलीबारी होती रही। फिलहाल पता नहीं चल पाया है कि ये दोनों आतंकवादी मारे गए हैं या अड्डे के अंदर ही छिपे हैं। अड्डे के आसपास के गांवों में भी तलाशी की जा रही है।
आतंकवादियों के साथ हुई इस लड़ाई में सात जवान शहीद हो गए, जिसमें एनएसजी के एक अधिकारी, वायुसेना के गरुड़ कमांडो और रक्षा सेवा वाहिनी (डीएससी) के पांच जवान शामिल हैं।
इस लड़ाई में एनएसजी के 12 जवानों सहित वायुसेना के आठ और सुरक्षा बल के दो जवान घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल एक जवान को रविवार को इलाज के लिए चंडीगढ़ ले जाया गया।
केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने नई दिल्ली में रविवार को कहा कि सुरक्षा बलों की तुरंत कार्रवाही के कारण आतंकवादी वायुसेना के हथियारों और मुख्य उपकरणों के तबाह करने में नाकाम रहे।
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