नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। छात्रों के मन से परीक्षा का भय निकालने की दिशा में 1999 से कार्यरत संस्था ‘स्नेही’ ने इस साल भी पूर्व परीक्षा परामर्श सुविधा स्वयंसेवक सलाहकारों के जरिए देने की व्यवस्था की है। ये सलाहकार विद्यार्थियों के आमने-सामने बैठकर तथा फोन पर परीक्षा को भयमुक्त बनाने तथा परीक्षा के डर से बाहर निकालने का प्रयास करेंगे।
दिशा (परीक्षा के पूर्व एक मदद) : 1999 से लेकर 2014 तक 26440 छात्रों तथा 3697 अभिभावकों के मन से परीक्षा का डर निकालने में कामयाब हुए हैं।
स्नेही के निदेश अब्दुल माबूद ने कहा, “स्नेही में हजारों की संख्या में माता पिता, बच्चों, अध्यापकों, और बच्चों के रिश्तेदारों के हजारों फोन उनके डर, घबड़ाहट, चिंता, उतावलापन संबंधी बातें शेयर करने के लिए आते रहते हैं। ऐसे फोन भी आते हैं जिनमें बच्चे कुछ विशेष बातें जानना चाहते हैं। ऐसे फोन सिर्फ दिल्ली या एन.सी.आर. से नहीं आते हैं बल्कि लगभग पूरे भारत से आते हैं।”
उन्होंने कहा कि कक्षा 4, 10, 11, 12 से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक के बच्चे यहां मदद के लिए फोन करते हैं जो कि अलग-अलग तरह की परीक्षाओं में बैठते हैं।
उन्होंने कहा, “दिशा 2015 के दौरान परीक्षा से डरने वालों के लगभग 2605 फोन आए जिसमें 2395 (91.93 प्रतिशत) बच्चों के फोन थे, जो परीक्षा से काफी डरे हुए थे, हमने माता पिता तथा बच्चों के रिश्तेदारों के लगभग 210 कॉल लिए तथा सामने बैठकर तथा फोन पर उनकी मदद भी की तथा उनके बच्चों के मन से परीक्षा का डर निकालने के लिए उन्हें परामर्श भी दिया।”
उन्होंने कहा कि इनमें 1627(67.93 प्रतिशत) बच्चे कक्षा दसवीं तथा बारहवीं के थे, बाकी 768 (32.06 प्रतिशत) बच्चे कक्षा 6 तथा अन्य कक्षाओं से थे। 1014 (42.33 प्रतिशत) बच्चे मानसिक रूप से परेशान थे तथा 28(1.16 प्रतिशत) बच्चे आत्महत्या तक के बारे में सोच रहे थे।
संस्था ने इस उद्देश्य के लिए हेल्पलाइन संख्या : 011-659 78181 जारी किए हैं, जो पहली फरवरी से तीन मार्च तक सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक चालू रहेगी।
dharmpath.com dharmpath