नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। सेना में ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे अनशन को मंगलवार को 23 दिन पूरे हो गए, लेकिन सरकार ने अपने वादे पूरे करने के लिए अभी तक कोई पहल नहीं की है। आंदोलनकारियों की रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ बैठक अभी भी अनिश्चितता के गर्भ में है।
भारतीय पूर्व सैनिक आंदोलन के महासचिव ग्रुप कैप्टन वी.के.गांधी (सेवानिवृत्त) ने आईएएनएस से कहा, “हमारे आंदोलन को आज (मंगलवार) 23 दिन पूरे हो गए। हमें रक्षा मंत्री से मिलने के लिए आज या कल समय मिलने की उम्मीद है। लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। हमें नहीं पता कि अब हम क्या करें, लेकिन हमारा अनशन जारी रहेगा।”
पर्रिकर ने पिछले सप्ताह प्रदर्शनकारी पूर्व सैनिकों को बुलाया था और उनसे कहा था कि वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना की फाइल केंद्रीय वित्त मंत्रालय से वापस आ गई है।
मंत्री ने कहा था कि वन रैंक वन पेंशन योजना को लागू करने में जो भी दिक्कतें थीं, उसे अब दूर कर लिया गया है। हालांकि योजना को लागू करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई।
पूर्व सैनिकों की मांग है कि केंद्र सरकार वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने के लिए कोई निश्चित तारीख बताए। पूर्व सैनिकों ने बीते 14 जून को अपना आंदोलन शुरू किया था, जबकि 15 जून से उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की है।
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