नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में 25 से 27 अप्रैल के बीच पवन ऊर्जा पर केंद्रित ‘विंडर्जी मेला’ आयोजित की जाएगी। तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में 10 देशों के 150 कंपनियां अपनी नवीनतम प्रौद्योगिकी और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगी।
सम्मेलन में 6000 से अधिक लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।
पवन ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष संगठन इंडियन विंड टर्बाइन मैन्युफैक्च रिंग एसोसिएशन (आईडब्ल्यूटीएमए) ने सभी पक्षधारकों के सहयोग के सकारात्मक पहलू को सभी के सामने लाने के लिए ब्रसेल्स के ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (जीडब्ल्यूईसी) की साझेदारी में इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन कर रही है।
दुनिया भर से इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाले पक्षधारक 10 सत्रों के दौरान मिलेंगे और 90 घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं के साथ चर्चा करेंगे। ये सभी भारतीय बिजली परिदृश्य के विकास के लिए सभी तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करेंगे। ‘विंड डेस्टिनेशन इंडिया एंड विंड पावर फॉरएवर’ के थीम पर आयोजित विंडर्जी 2017 का उद्देश्य नीति निर्माताओं और इस क्षेत्र के दिग्गजों को नेटवर्किं ग, सहयोग, इनोवेशन के अवसर उपलब्ध कराना है। इस सम्मेलन में दुनिया भर से आए दिग्गज पवन ऊर्जा के भविष्य पर चर्चा करेंगे और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन व ग्लोबल वार्मिग संबंधित समस्याओं के समाधान ढूंढेंगे।
आईडब्ल्यूटीएमएस के चेयरमैन सर्वेश कुमार ने कहा, “पवन-सौर हाइब्रिड, रिपावरिंग और ऑफशोर के क्षेत्र में ढेर सारे अवसर उपलब्ध हैं। संगठन का नजरिया स्वच्छ हरित भारत बनाने के लिए काम करना और जीवाष्म ईंधनों पर निर्भरता को घटाना है। उद्योग को पूरा भरोसा है कि वह 2022 तक पवन ऊर्जा में 60 गीगावाट की क्षमता हासिल करने के सरकार के लक्ष्य को पूरा कर लेगा।”
dharmpath.com dharmpath