रियो डी जेनेरियो/ संयुक्त राष्ट्र, 4 जून (आईएएनएस)। इसी साल अगस्त में आयोजित होने वाले रियो ओलम्पिक खेलों में 10 शरणार्थियों का एक दल भी हिस्सा लेगा। अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने इस बात की पुष्टि की। विखंडित और संघर्ष कर रहे देशों के इन एथलीटों के प्रतिनिधित्व हेतु एक नया ध्वज भी ओलम्पिक खेलों में नजर आएगा। आईओसी के इस फैसले का संयुक्त राष्ट्र ने स्वागत किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, रियो 2016 की आधिकारिक वेबसाइट में शुक्रवार को बताया गया, “वह ऐसी टीम का निर्माण करेंगे, जिसे आज से पहले किसी भी ओलम्पिक खेलों में न देखा गया हो। विश्व में युद्ध और सामाजिक अशांति के कारण विस्थापित हुए लोगों के लिए यह दल एक आशा की किरण है।”
ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने वाले शरणार्थियों के इस दल में दक्षिण सूडान के पांच धावक, सीरिया के दो तैराक, कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य के दो जूड़ो-कराटे खिलाड़ी और इथियोपिया का एक मैराथन धावक शामिल है।
ये सभी पहले शरणार्थी ओलम्पिक दल (आरओटी) का हिस्सा होंगे। इस दल का नेतृत्व पूर्व विश्व रिकॉर्ड धारी मैराथन धावक तेगला लोरोपे करेंगी। इस दल की उपकप्तान ब्राजील की इसाबेला मजाओ होंगी। आरओटी के इस दल में पांच कोच और पांच अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे।
आईओसी अध्यक्ष थॉमस बाक ने कहा कि इस पहल से विश्व में सभी शरणार्थियों के पक्ष में एक सशक्त संदेश जाएगा। बाक ने कहा, “यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए एक इशारा है कि शरणार्थी भी आपके जैसे ही एक इंसान हैं।”
आईओसी के इस फैसले का यूएन की शरणार्थी एजेंसी ने स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थियों के उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इन सभी खिलाड़ियों ने अपने-अपने देशों में हिंसा का सामना किया और फिर बेल्जियम, जर्मनी, लक्जमबर्ग, केन्या, ब्राजील जैसे देशों में इन लोगों ने शरण ली।
शरणार्थियों की पहली टीम माराकाना स्टेडियम में होने वाले उद्घाटन समारोह में ओलम्पिक के झंडे तले हिस्सा लेगी। पूरे ओलम्पिक में उन्हें दूसरी टीमों की तरह ही माना जाएगा। टीम का खर्च आईओसी द्वारा उठाया जाएगा।
शरणार्थियों के यूएन उच्चायुक्त फिलिपो ग्रांडी ने कहा, “हम शरणार्थियों की ओलम्पिक टीम से काफी प्रभावित हैं। उनके करियर में कारणवश रुकावटें आ गईं थी, लेकिन उनके पास अब अपने सपनों को पूरा करने का मौका है।”
यूएनएचसीआर ने कहा, “शरणार्थियों की टीम रियो भेजने का फैसला अद्वितीय है और इससे पूरे विश्व में शरणार्थियों के पक्ष में अच्छा संदेश जाता है।”
शरणार्थी ओलम्पिक दल :-
रामी अनीस (पुरुष) : सीरिया (देश), खेल (तैराकी), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-बेल्जियम)
यिक पुर बेल (पुरुष) : दक्षिण सूडान (देश), खेल ( 800 मीटर रेस), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-केन्या)
जेम्स न्यांग चिएंगजिएक (पुरुष) : दक्षिण सूडान (देश), खेल ( 400 मीटर रेस), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-केन्या)
योनास किंडे (पुरुष) : इथियोपिया (देश), खेल ( मैराथन), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-लक्सेम्बर्ग)
एंजेलिना नाडा लोहालिथ (महिला) : दक्षिण सूडान (देश), खेल (1500 मीटर रेस), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-केन्या)
रोज नाथिके लेकोन्येन (महिला) : दक्षिण सूडान (देश), खेल ( 800 मीटर रेस), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-केन्या)
पाउलो अमोटम लोकोरो (पुरुष) : दक्षिण सूडान (देश), खेल (1500 मीटर रेस), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-केन्या)
योलांदे बुकासा माबिका (महिला) : कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (देश), खेल (जूडो-कराटे 70 किलोग्राम), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-ब्राजील)
युसरा मार्दिनी (महिला) : सीरिया (देश), खेल (तैराकी), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-जर्मनी)
पोपोले मिसेंगा (पुरुष) : कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (देश), खेल (जूडो-कराटे -90 किलोग्राम), राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी-ब्राजील)
dharmpath.com dharmpath