इस्लामाबाद, 23 नवंबर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के वित्तमंत्री सोमवार को पाकिस्तान पहुंचे। वह यहां दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापारिक मुद्दों पर दिन भर होने वाली बातचीत में हिस्सा लेंगे।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संयुक्त आर्थिक आयोग की बैठक पहले अगस्त में होने वाली थी। लेकिन, तनाव की वजह से इसे टालना पड़ा था। इसी तनाव की वजह से पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली अफगानिस्तान-तालिबान वार्ता भी पटरी से उतर गई थी।
रेडियो पाकिस्तान की रपट के मुताबिक, पाकिस्तान के वित्तमंत्री इसहाक डार ने दोनों देशों के बीच लिए गए निर्णयों को लागू करने पर जोर दिया।
पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच कराधान, व्यापारिक सुगमता, राजमार्ग और रेलवे परियोजनाओं, पाकिस्तान के मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेजों में पढ़ने वाले अफगानिस्तानी छात्रों के वजीफे में बढ़ोतरी, परिवहन, ऊर्जा परियोजनाएं और कई अन्य क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रम के मुद्दों पर बातचीत होनी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, एक अफगानिस्तानी राजनयिक सूत्र ने कहा कि अफगान प्रतिनिधिमंडल पारगमन व्यापार करार पर अमल न होने की वजह से अफगान व्यापारियों को पेश आ रही समस्याओं को उठाएगा।
सूत्रों ने बताया कि अफगानिस्तान इस बात का भी आग्रह करेगा कि भारत से व्यापार के लिए पाकिस्तान उसे अपने जमीनी रास्ते का इस्तेमाल करने दे। अभी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को अपना सामान भारत-पाकिस्तान की वाघा सीमा तक ले जाने की इजाजत दी हुई है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच इस वक्त कुल व्यापार 2.5 अरब डालर का है। दोनों देशों ने इसे 2017 तक पांच अरब डालर तक करने पर सहमति जताई है।
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