इस्लामाबाद, 25 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान काबुल सरकार तथा तालिबान के बीच वार्ता कराए जाने के लिए तैयार है। वार्ता अगले कुछ हफ्तों में होने की संभावना है। यह जानकारी एक शीर्ष पाकिस्तानी राजनयिक ने दी।
समाचारपत्र ‘डॉन’ की वेबसाइट के मुताबिक, प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार सरताज अजीज ने सीनेट के विदेशी मामलों की कमेटी से कहा, “पाकिस्तान अफगान तालिबान और अफगान सरकार के बीच कहीं भी शुरू होने वाली वार्ता में किसी भी तरह की भूमिका निभाने को तैयार है।”
तालिबान ने शांति वार्ता में पाकिस्तान के शामिल होने पर संदेह जताया था।
अजीज ने कहा कि संभावित वार्ता का तालिबान के नेतृत्व में बढ़ रहे चरमपंथ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ना चाहिए और उन्हें उम्मीद है कि इससे यह चरमपंथ कम होगा।
उन्होंने कहा कि न सिर्फ तालिबान, बल्कि कई विदेशी लड़ाके अफगानिस्तान में लड़ रहे हैं।
अजीज ने इस बात पर जोर दिया कि अफगान तालिबान को चुनावों में दिए गए अफगानिस्तान की जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
इससे पहले विदेश सचिव एजाज चौधरी ने कमेटी को बताया कि देश में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के पांव नहीं पड़े हैं और पाकिस्तान को इस आतंकवादी संगठन से कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों को हालात से सावधान रहना चाहिए और अहतियातन कदम उठाना चाहिए।
उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसी नेशनल डायरेक्टोरेट ऑफ सिक्योरिटी के बीच समझौता हो गया है, लेकिन समझौते को अंगीकार नहीं किया गया है।
अफगानिस्तानी संसद पर हमले एक दिन बाद वार्ता पर सहमति की बात सामने आई है, जिसकी जिम्मेदारी अफगान तालिबान ने ली है।
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