नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। नए राजनीतिक गठबंधन की संभावनाओं की ओर इशारा करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने अपनी एक पत्रिका में आम आदमी पार्टी (आप) की इस बात का समर्थन किया है कि राजधानी दिल्ली में आप सरकार और उपराज्यपाल के बीच जारी ‘जंग’ केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की देन है।
माकपा ने अपने पत्र ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ में दिल्ली पर प्रकाशित एक लेख में कहा कि आप सरकार को दिल्ली में विभिन्न परेशानियों का सामना इसलिए करना पड़ रहा है, क्योंकि उसने राजधानी में विभिन्न प्रकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई।
गौरतलब है कि जब तक प्रकाश करात माकपा के महासचिव रहे, तब तक पार्टी ने आप से दूरी बनाए रखी, क्योंकि उनका मानना था कि पार्टी में विचारधारा की कमी है, विशेष रूप से आर्थिक मुद्दे पर।
‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ की हालिया टिप्पणी से स्पष्ट है कि सीताराम येचुरी के महासचिव बनने के बाद पार्टी के रुख में परिवर्तन आया है। यह पत्रिका माकपा के नेतृत्व की सोच को दर्शाती है।
‘केंद्र-राज्य संबंध के मामले में लड़ाई का मैदान बनती जा रही दिल्ली’ शीर्षक से प्रकाशित टिप्पणी में कहा गया है कि दिल्ली में फरवरी चुनाव में आप द्वारा करारी और व्यापक हार के बाद भाजपा को अपार हताशा और रोष ने जकड़ लिया है।
माकपा ने अपनी पत्रिका में लिखा, “दिल्ली में शिकस्त पार्टी और उसके नेताओं के लिए एक बड़ा झटका थी। उनमें इस हार को स्वीकार करने का सामर्थ नहीं है।” इसके साथ ही इस लेख में कहा गया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार दिल्ली में आप के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है।”
दिल्ली में अधिकारियों की बहुलता और उसकी अनूठी स्थिति पर बात करते हुए इस लेख में भाजपा पर उसके नेतृत्व वाले तीन नगर निगमों और उपराज्यपाल का इस्तेमाल अरविंद केजरीवाल सरकार के लिए मुसीबत बढ़ाने के लिए किए जाने का आरोप लगाया।
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