मुंबई, 28 दिसंबर (आईएएनएस)। शिवसेना ने सोमवार को पड़ोसी देश पाकिस्तान को एक ‘शापित’ मुल्क बताया, जो उसकी सीमा में दाखिल होने की जुर्रत करने वालों का सर्वनाश कर देता है।
पार्टी के मुखपृष्ठ ‘सामना’ में एक आक्रामक संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक संक्षिप्त ठहराव ‘एक एडवेंचर’ था और कई लोगों ने इसे ‘एक चतुराई भरी राजनीतिक चाल’ करार दिया।
शिवसेना ने चेताया, “ऐसा मानना है कि पूर्व में जो भी भारतीय नेता पाकिस्तान गए, उनका राजनीतिक करियर ज्यादा लंबा नहीं चल पाया।”
मोदी पिछले शुक्रवार (25 दिसंबर) को अचानक ही अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ से मिलने अफगानिस्तान से सीधे पाकिस्तान पहुंचे और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।
शिवसेना ने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की कब्र पर गए थे और उनकी तारीफ में खूब कसीदे गढ़े थे, लेकिन बाद में आडवाणी के राजनीतिक ग्राफ में गिरावट आई और आज उन्हें कोई नहीं पूछता।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी लाहौर बस सेवा शुरू कर पड़ोसी मुल्क के साथ संबंधों को सुधारने की पहल की थी और इसी क्रम में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने आगरा का दौरा किया था।
दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के लिए 19 फरवरी, 1999 को लाहौर-दिल्ली बस सेवा शुरू की गई थी और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी पहली बस सेवा में यात्रा भी की थी। वाघा सीमा पर उनका उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ ने स्वागत किया था।
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