इस्लामाबाद, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पंजाब वैवाहिक समारोह विधेयक को लाहौर उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। प्रांतीय विधानसभा में पिछले साल पारित इस विधेयक में बंद स्थानों पर होने वाले समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
समाचार पत्र ‘द नेशन्स’ की शनिवार की रपट के मुताबिक, याचिकाकर्ता अधिवक्ता सैयद अली गिलानी ने शुक्रवार को कहा कि बंद स्थानों पर आयोजित होने वाले विवाह समारोहों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि हर नागरिक को अपने घर के भीतर समारोह आयोजित करने का अधिकार है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से इस कानून को लागू किए जाने से रोकने का आग्रह किया।
कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह द्वारा पेश किए गए विधेयक में आडंबरपूर्ण विवाह समारोहों पर प्रतिबंध की बात शामिल है।
विधेयक के मुताबिक, विवाह समारोह के आयोजन के दौरान समारोह स्थल की इमारत के अलावा किसी भी सड़क, गली या स्थान की सजावट नहीं की जा सकती।
विधेयक के अनुसार, विवाह समारोह रात 10 बजे से पूर्व समाप्त हो जाना चाहिए।
विधेयक के अनुसार, विवाह का आयोजन करने वाला व्यक्ति एक व्यंजन से अधिक नहीं परोस सकता या किसी और को परोसने की अनुमति नहीं दे सकता।
इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक महीने की कैद और 50,000 रुपये से अधिक का जुर्माना या 20 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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