इस्लामाबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने सेना के 12 अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकारियों में एक मेजर जनरल, एक लेफ्टिनेंट जनरल, पांच ब्रिगेडियर, एक कर्नल, तीन लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर शामिल हैं।
जनरल शरीफ द्वारा भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने का आह्वान करने के कुछ दिनों बाद यह कदम उठाया गया है।
जियो न्यूज ने सेना के सूत्रों के हवाले से कहा है कि सेना में एक साल से भी अधिक समय से चल रही आंतरिक जांच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है।
अधिकारी बलूचिस्तान में फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) में सेवारत थे।
प्रमुख नामों में पूर्व इंस्पेक्टर जनरल फ्रंटियर कॉर्प्स (आईजीएएफसी) बलूचिस्तान लेफ्टिनेंट जनरल ओबेदुल्ला खट्टक और मेजर जनरल इजाज शाहिद के नाम शामिल हैं।
जियो न्यूज के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया है और उनके भत्तों और विशेषाधिकारों को छीन लिया गया है। हालांकि अधिकारियों को पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहेंगी।
इस संबंध में सेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यह अप्रत्याशित कदम जनरल शरीफ की उस टिप्पणी के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई तब तक शांति और स्थिरता नहीं ला सकती, जब तक कि देश से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता।
जनरल शरीफ ने मंगलवार को कहा था कि पाकिस्तान की एकजुटता, अखंडता और सम्पन्नता के लिए सभी की जवाबदेही जरूरी है।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने कोहाट में सिग्नल्स रेजिमेंटल सेंटर के दौरे में कहा था, “पूरे देश की मदद से आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई तब तक शांति और स्थिरता नहीं ला सकती जब तक कि देश से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता। इसलिए पाकिस्तान की एकजुटता, अखंडता और सम्पन्नता के लिए सभी की जवाबदेही जरूरी है।”
उन्होंने कहा था, “पाकिस्तान सशस्त्र बल इस दिशा में पूरा सार्थक प्रयास करेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित होगा।”
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