इस्लामाबाद, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गुरुवार सुबह हत्या के पांच दोषियों को फांसी पर लटका दिया गया, जबकि दो दोषियों की फांसी रोक दी गई। मीडिया में आई रिपोर्टो से यह जानकारी मिली।
डॉन ऑनलाइन की एक रपट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने पिछले साल 16 दिसंबर को पेशावर के एक सैनिक स्कूल पर हुए तालिबान के हमले के बाद से लेकर अबतक 71 दोषियों को फांसी दे चुकी है। तालिबानी हमले में 140 से अधिक छात्र मारे गए थे।
दो दोषियों-कैसर तथा माजिद को रावलपिंडी के अदियाला जेल में फांसी दे दी गई।
कैसर पर अपने एक साथी की हत्या का दोषी था, जबकि माजिद वाह कैंट में छह लोगों की हत्या का दोषी था।
दोनों दोषी रावलपिंडी से ताल्लुक रखते थे।
जियो न्यूज की रपट के मुताबिक, दो दोषियों एजाज और अब्दुल जब्बार को गुजरांवाला केंद्रीय कारागार में फांसी दे दी गई। एजाज को 1995 में हत्या का दोषी ठहराया गया था, वहीं जब्बार को हत्या के मामले में 2001 में फांसी की सजा सुनाई गई थी।
पांचवें दोषी जफर इकबाल को फैसलाबाद केंद्रीय कारागार में फांसी दी गई। उसे 2005 में एक महिला की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था।
इसी बीच, दो अन्य दोषियों- निजाम दीन तथा मुहम्मद हुसैन की फांसी रद्द हो गई, क्योंकि उनके वारिस जेल अधिकारियों के समक्ष अभियोगी तथा प्रतिवादी पक्षों के बीच समझौता कराने में सफल रहे।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने मृत्युदंड के सभी मामलों पर लगी रोक को 10 मार्च को हटा लिया था।
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