रोहतक, 23 मई (आईएएनएस)। सरकार द्वारा संचालित परास्नातक चिकित्सा विज्ञान संस्थान (पीजीआईएमएस) के कर्मियों के एक वर्ग के हड़ताल पर चले जाने के कारण संस्थान के ओपीडी और आपात विभाग में कामकाज दूसरे दिन भी बाधित रहा।
रोहतक, 23 मई (आईएएनएस)। सरकार द्वारा संचालित परास्नातक चिकित्सा विज्ञान संस्थान (पीजीआईएमएस) के कर्मियों के एक वर्ग के हड़ताल पर चले जाने के कारण संस्थान के ओपीडी और आपात विभाग में कामकाज दूसरे दिन भी बाधित रहा।
परास्नातक विद्यार्थियों सहित रेजीडेंड चिकित्सकों ने एक महिला और एक नवजात शिशु की मौत के बाद एक साथी चिकित्सक के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार शाम से कामकाज बंद कर दिया।
पीजीआईएमएस के कार्यवाहक निदेशक के.बी. गुप्ता ने आईएएनएस से कहा, “हड़ताली चिकित्सकों के साथ मुद्दे को सौहाद्र्रपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए बातचीत जारी है।”
उन्होंने कहा, “हम मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल समाप्त करने के लिए उन्हें राजी करने की कोशिश कर रहे हैं।”
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि आपात एवं बहिरंग विभाग (ओपीडी) में वरिष्ठ रेजीडेंड चिकित्सकों को तैनात किया गया है।
गुप्ता निजी कारणों से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं और उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें कार्यभार से मुक्त कर दिया जाए।
मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि जच्चा-बच्चा, दोनों की मौत स्त्रीरोग विभाग के चिकित्सकों की लापरवाही के कारण हुई।
लेकिन हड़ताली चिकित्सकों का कहना है जींद शहर की महिला की मौत लापरवाही के कारण नहीं हुई, बल्कि उसकी नाजुक दशा के कारण हुई। उसने मृत बच्चे को जन्म दिया था।
इस बीच पुलिस ने शोक संतप्त परिवार की शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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