हैदराबाद, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। मजलिस-
हैदराबाद, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। मजलिस-
ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा कि उन संगठनों और प्रकाशनों पर रोक लगाई जाए जो भीड़ द्वारा किसी को पीट पीटकर मार डालने को सही बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के संविधान और कानून के राज में यकीन न करने वाले ये संगठन और प्रकाशन उन्मादी भीड़ द्वारा हत्या की मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं।
बिहार में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के प्रचार के दौरान ओवैसी ने संवाददाताओं से कहा, “इस तरह के संगठनों और प्रकाशनों के मालिकों पर मामला दर्ज होना चाहिए।”
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने यह बात तब कही जब उनकी प्रतिक्रिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुखपत्र पांचजन्य में छपी इस बात पर मांगी गई कि उत्तर प्रदेश में मोहम्मद अखलाक की गोमांस खाने की अफवाह पर भीड़ द्वारा हत्या ‘बिना वजह’ नहीं कही जा सकती।
पांचजन्य में कहा गया है कि “वेद भी इस बात की इजाजत देते हैं कि गाय की हत्या करने वालों की हत्या की जा सकती है।”
ओवैसी ने कहा, “भारत का संविधान किसी धर्म पर आधारित नहीं है और न ही भारत एक धर्मआधारित राष्ट्र बन सकता है। ये लोग भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि अखलाक और हिमाचल प्रदेश में एक अन्य व्यक्ति की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है।
ओवैसी ने पूछा, “भारत के 72 फीसदी लोग मांस खाते हैं। क्या ये लोग इन सभी को मारने जा रहे हैं?”
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