‘पीपली लाइव’ के सह-निर्देशक की सजा का ऐलान 4 अगस्त को (लीड-1)

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने अमेरिकी महिला से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए बॉलीवुड फिल्म ‘पीपली लाइव’ के सह-निर्देशक महमूद फारूकी को सजा सुनाने के लिए मंगलवार को चार अगस्त की तारीख मुकर्रर की।

अभियोजन व बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा सजा पर जिरह पूरी करने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

फारूकी को 30 जुलाई को दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया था।

अभियोजन ने मामले को देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर अपराध ठहराते हुए दोषी को अधिकतम सजा देने की मांग की।

शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत से कहा कि फारूकी को अधिकतम सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने उस विदेशी महिला के साथ दुष्कर्म किया, जिसे उन्होंने अपने घर पर खाने के लिए बुलाया था और इस प्रकार उन्होंने ‘मित्रता व विश्वास के साथ विश्वासघात’ किया।

फारूकी के वकील ने अदालत से उदारता बरतने की मांग करते हुए कहा कि सुनवाई के दौरान दोषी ने अच्छे आचरण का परिचय दिया है और पीड़िता को धमकाने का भी प्रयास नहीं किया।

फारूकी को कोलंबिया विश्वविद्यालय की 35 वर्षीय शोध छात्रा के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया गया है। पीड़िता अपनी थीसिस के लिए शोध करने भारत आई थीं।

अभियोजन पक्ष की वकील वृंदा ग्रोवर ने अदालत से कहा कि फारूकी ने शोध करने भारत आईं अमेरिकी शोध छात्रा के साथ दुष्कर्म किया और उनके इस कृत्य से देश की छवि खराब हुई है।

वृंदा ने कहा कि फारूकी शिक्षण और संस्कृति के क्षेत्र में काफी प्रख्यात हस्ती हैं और सामाजिक रूप से उच्च तबके से आते हैं, इसलिए उन्हें सजा सुनाते वक्त जरा भी दया नहीं दिखाई जानी चाहिए।

बचाव पक्ष की वकील नित्या रामाकृष्णन ने फारूकी पर दया दिखाने की अपील की और कहा कि दोषी के खिलाफ इससे पहले कोई आपराधिक मामला नहीं रहा है और उनका पूर्व जीवन साफ-सुथरा रहा है।

पीड़िता जून 2014 में दिल्ली आईं और गोरखपुर में अपने शोध के लिए संपर्को की तलाश में थीं। इस दौरान वह एक कॉमन फ्रेंड के जरिए फारूकी के संपर्क में आईं।

फारूकी ने उन्हें 28 मार्च, 2015 को अपने घर पर खाने के लिए बुलाया, जिस दौरान उनके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस ने अपने आरोपपत्र में कहा कि वह निर्देशक के घर पर रात नौ बजे पहुंची, जिस दौरान उन्हें बेहद नशे में पाया। फारूकी ने पीड़िता को एक अन्य कमरे में जाने को कहा जो उनका कार्यालय था।

अभियोजन ने कहा कि बाद में फारूकी ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की, जिससे महिला बेहद डर गई थीं।

मामले की सुनवाई के दौरान, अमेरिकी शोधकर्ता अपनी शिकायत पर कायम रहीं और इस बात को दोहराया कि फारूकी ने उनके साथ दुष्कर्म किया। फारूकी ने हालांकि दावा किया कि मामले में उन्हें फंसाया गया है।

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