पूर्वी एशिया के 25 करोड़ लोग रहते मलिन बस्तियों में : विश्व बैंक

बैंकॉक, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व बैंक ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी कर कहा है कि पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में 25 करोड़ लोग खराब गुणवत्ता वाले आवास के साथ बुनियादी सुविधाओं तक सीमित पहुंच के साथ रह रहे हैं।

‘शहरी गरीबों के लिए अवसरों का विस्तार’ शीर्षक रिपोर्ट में पाया गया है कि पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र में सबसे ज्यादा शहरी विकास क्षेत्र हैं, लेकिन इन्हीं देशों (चीन, इंडोनेशिया और फिलीपींस के रूप में) में दुनिया की सबसे बड़ी गरीब आबादी 25 करोड़ है जो सार्वजनिक सेवाओं की कमी से जूझ रही है।

एफे समाचार की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बस्तियों में स्थिति निराशाजनक हैं, इन भीड़भाड़ वाली कॉलोनियों में रहने वाले लोग पानी, बिजली, मलजल निपटान, सार्वजनिक परिवहन और किफायती आवास की कमी से जुझ रहे हैं।

विश्व बैंक ने रिपोर्ट में कहा, ‘झुग्गियां’ शहरी निर्मित पर्यावरण के भीतर अभाव और बहिष्कार (मौद्रिक, ढांचागत, सामाजिक और राजनीतिक) की साइटें चिह्न्ति करती हैं और “गरीबी के शहरीकरण की दिशा में एक प्रवृत्ति का संकेत देती है”।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शहरी विकास ने पिछले 20 सालों में पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में लगभग 65.5 करोड़ लोगों गरीबी से उभरने में सहायता की है। लेकिन इसने असमानता की खाई को भी चौड़ा किया है।

संगठन ने कहा कि जापान, साउथ कोरिया और सिगापुर जैसे देशों ने न केवल शहरी बुनियादी सुविधाओं में सुधार कर गरीब लोगों की मदद की है, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था में वृद्धि में भी योगदान दिया है।

वर्तमान में, और 2018 तक इस क्षेत्र में 7.5 करोड़ लोग प्रतिदिन 3.10 डॉलर से कम कमाते हैं, क्षेत्र की आबादी का आधा हिस्सा-1.2 अरब से अधिक- शहरी क्षेत्रों में रहेगा।

इंडोनेशिया में, शहरी आबादी का 27 प्रतिशत प्रभावी स्वच्छता सुविधाओं तक नहीं पहुंच पा रहा है, जबकि फिलीपींस में यह संख्या 21 प्रतिशत है।

विश्व बैंक के मुताबिक, शहरी गरीबों में रोजगार के अवसर और सार्वजनिक परिवहन तक पर्याप्त पहुंच की कमी है, जबकि वे प्राकृतिक आपदा जोखिम के बारे में ज्यादा उजागर हैं।

पूर्व एशिया और प्रशांत में विश्व बैंक की उपाध्यक्ष विक्टोरिया कवाकवा ने कहा, “पूर्वी एशिया के शहरों ने इस क्षेत्र की भारी वृद्धि को बढ़ावा दिया है। हमारी सामूहिक चुनौती शहरों में सभी के लिए अवसरों का विस्तार करना है – परिधि में रहने वाले नए प्रवासियों से लेकर किराया देने के लिए संघर्ष कर रहे कारखाने में काम कर रहे श्रमिकों तक – ताकि वे शहरीकरण से अधिक लाभान्वित हों और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में मदद करें।”

संगठन ने रिपोर्ट में सिफारिशें की हैं, जिनमें नौकरी बाजार के साथ शहरी गरीबों को जोड़ने, शहरी नियोजन में निवेश करने, आवास सुनिश्चित करने, शहरी गरीबों में उपेक्षित उप-समूहों की मदद करने और सूचना प्रणाली में सुधार करने जैसी सिफारिशें शामिल हैं।

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