नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि देश की प्रगति के लिए आवश्यक है कि बिहार सहित पूरे पूर्वी भारत का विकास हो और वे देश के पश्चिमी हिस्से के समान बन सकें।
प्रख्यात कवि रामधारी सिंह दिनकर के महान लेखन कार्य ‘संस्कृति के चार अध्याय’ और ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ के स्वर्ण जयंती समारोह में आयोजित एक कार्यक्रम में मोदी ने जाति आधारित राजनीति समाप्त करने और देश के पूर्वी हिस्से के विकास की दिशा में काम करने के लिए दिनकर का उदाहरण दिया।
उन्होंने वर्ष 1961 में दिनकर द्वारा लिखे गए पत्र को याद किया, जिसमें कवि ने इस बात पर बल दिया है कि उनके गृह राज्य बिहार को जाति आधारित विभाजन से ऊपर उठकर मेधा आधारित समाज के निर्माण की दिशा में काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने ‘राष्ट्रकवि’ दिनकर को महान दूरद्रष्टा बताया। उन्होंने कहा कि दिनकर की कविताओं में भारतीय संस्कृति एवं धरोहारों का बखान है, जिनके जरिए भारत की आत्मा को बेहतर तरीके से जाना व समझा जा सकता है।
मोदी ने कहा कि दिनकर के साहित्यिक काम भारत की हर पीढ़ी के लोगों को प्रेरित करते रहे हैं।
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