नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्वी एशिया के लिए द्वार और देश की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन वियतनाम के राजदूत ने यहां कहा कि खराब सड़क और हवाई संपर्क इस क्षेत्र के साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की राह में प्रमुख बाधा है।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्वी एशिया के लिए द्वार और देश की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन वियतनाम के राजदूत ने यहां कहा कि खराब सड़क और हवाई संपर्क इस क्षेत्र के साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की राह में प्रमुख बाधा है।
भारत में वियतनाम के राजदूत तॉन सिन्ह थान्ह ने आईएएनएस से कहा, “वियतनाम के पर्यटन उद्योग की आय बढ़ाने की जरूरत है। लेकिन भारत के पूवरेत्तर राज्यों में प्रचार का कोई फायदा नहीं, क्योंकि वह क्षेत्र और वहां के लोग हमारे जैसे ही हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर के अंदर और वहां तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़कों और हवाई सुविधा के अभाव के कारण बाहर के लोगों को वहां पहुंचने में परेशानी होती है।
व्यापार के बारे में भी राजदूत ने कहा कि इस क्षेत्र से कोई फायदा नहीं, क्योंकि पूर्वोत्तर के पास पेश करने के लिए कुछ विशेष नहीं है।
थान्ह ने कहा कि भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने में वियतनाम को मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और फिलीपींस जैसे अन्य दक्षिणपूर्व एशियाई देशों से भारी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। आसियान देशों को जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 2011 के 18 हजार से बढ़कर 2014 में 55 हजार हो गई है, लेकिन उनमें से सिर्फ 0.25 फीसदी ने ही वियतनाम जाना पसंद किया।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, “विदेश जाने वाले भारतीय पर्यटकों का मामूली हिस्सा हमें मिलता है। उसमें भी पूर्वोत्तर के पर्यटकों की संख्या न के बराबर है। इसका कारण शायद यह है कि उस क्षेत्र के लोगों की आय बहुत कम है।”
थान्ह ने कहा, “पूर्वोत्तर के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाए जाने के बाद ही वियतनाम यहां के पर्यटकों को अपने यहां आने के लिए प्रचार कार्य चला सकता है।”
वियतनाम भारत के विभिन्न स्थानों पर वीजा सुविधा केंद्र स्थापित करना चाहता है।
यह पूछने पर कि क्या पूर्वोत्तर में ऐसा कोई केंद्र स्थापित करने का इरादा है, उन्होंने कहा, “पूर्वी भारत में कोलकाता के अलावा और कहीं भी यह केंद्र स्थापित करने की हमारी योजना नहीं है।”
उन्होंने कहा, “पूर्वोत्तर में पर्यटन केंद्र बनने की व्यापक संभावना है, लेकिन फिलहाल उस क्षेत्र के आर्थिक विकास पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।”
वियतनाम की शीर्ष 15 पर्यटन एजेंसियों के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे तीन दिवसीय ‘सेवा क्षेत्र पर वैश्विक प्रदर्शनी’ में हिस्सा ले रहा है।
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