अगरतला, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि देश की पूर्वोत्तर सीमा पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का कोई खतरा नहीं है।
बीएसएफ त्रिपुरा फ्रंटियर के महानिरीक्षक एम.एफ.फारूकी ने संवाददाताओं से कहा, “भारत की पूर्वोत्तर सीमा पर आईएस आतंकवादियों का कोई खतरा नहीं है। हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं। इस सीमावर्ती इलाके में आईएस कोई मुद्दा नहीं है, इस इलाके में इस आतंकी समूह का कोई असर नहीं है।”
1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अफसर फारूकी ने कहा कि सीमा पर सुरक्षा बल तैनात करने के मामले में यह देखा जाता है कि पड़ोसी कौन है और पड़ोसी देश का रुख कैसा है।
उन्होंने कहा कि बीएसएफ, सीमा की सुरक्षा करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा बल है। पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश से लगी सीमा पर तैनात यह बल पश्चिमी और पूर्वी, दोनों सीमा पर समान रूप से दक्ष है।
बीएसएफ की स्थापना आज ही के दिन (पहली दिसंबर) 1965 में हुई थी। अर्धसैनिक बल अपनी स्वर्ण जयंती के अवसर पर कई कार्यक्रम कर रहा है।
फारूकी ने बताया कि 1965 में बीएसएफ की 25 बटालियनें थीं, जो आज बढ़ कर 186 हो गईं हैं। इनमें 2.5 लाख जवान और अफसर अपनी सेवा दे रहे हैं।
बीएसएफ अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश में पूर्वोत्तर भारत के आतंकवादियों के शिविरों में कमी आई है। इसकी वजह यह है कि बांग्लादेश की सरकार बहुत सहयोग दे रही है।
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