पेट्रोल की मांग नियंत्रित करने के लिए भारत में रात को पेट्रोल पंप बंद करने की फिलहाल योजना नहीं है. सरकार ने कहा कि यह सिर्फ प्रस्ताव है और अभी इस पर फैसला नहीं किया गया है.
भारत में अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कई तरह की बचत योजनाओं का प्रस्ताव है, जिसमें रात में पेट्रोल पंप बंद करने की भी बात चल रही है. हालांकि पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने कहा है कि फिलहाल सरकार ने ऐसा फैसला नहीं किया है और यह प्रस्ताव जनता की तरफ से आया है, “यह हमारा आइडिया नहीं है. यह जनता और दूसरे पक्षों की तरफ से आया है. किसी भी समय पेट्रोल पंपों को बंद करने का फैसला नहीं किया गया है.”
मोइली मंत्रालय 16 सितंबर से ईंधन की खपत को कम करने का अभियान चलाने वाला है. इसके तहत पेट्रोल खपत तीन फीसदी कम करने की योजना है. इससे 16,000 करोड़ रुपये यानी करीब 2.5 अरब डॉलर का खर्च रोका जा सकेगा.
भारत में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर 2.35 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई हैं, जिस पर राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ और कार्यवाही 15 मिनट के लिए रोकनी पड़ी. डीजल के दाम में भी 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है.
खुद मोइली ने रविवार की रात कहा था कि सरकार कई उपायों पर बात कर रही है, जिनमें “रात के वक्त पेट्रोल पंप बंद करने की योजना” भी शामिल है. भारत अपनी तेल खपत का लगभग 80 फीसदी आायात करता है और वैश्विक मूल्यों में वृद्धि तथा डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत की वजह से इस पर खर्च बढ़ता जा रहा है.
भारत में अगले साल आम चुनाव होने हैं. भ्रष्टाचार के मामलों में फंसी यूपीए सरकार के सामने इस वक्त अर्थव्यवस्था की गिरती विकास दर और रुपये के गिरते मूल्य की समस्या मुंह बाए खड़ी है. पिछले डेढ़ साल में रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले 20 फीसदी गिरी है.
रात के वक्त पेट्रोल पंप बंद करने के प्रस्ताव पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. बीजेपी के शहनवाज हुसैन का कहना है, “मोइली की बात अजीब है. क्या लोग सुबह में अपनी कारों की टंकी नहीं भरेंगे.”
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