पैरा साइकिलिंग : एशियाई चैम्पियनशिप में भारत ने जीता 1 रजत, 2 कांस्य

नेपीडॉ (म्यांमार), 10 फरवरी (आईएएनएस)। भारत ने वुना थिकडी स्पोर्ट स्टेडियम में जारी एशियाई पैरा साइकिलिंग चैम्पियनशिप में अपना वर्चस्व जारी रखते हुए तीन पोडियम फिनिश हासिल किए। भारतीय टीम के हिस्से एक रजत और दो कांस्य आए हैं।

बीते साल रजत पदक जीतने वाले बेंगलुरू के द्विज शाह के नेतृत्व में भारत ने एक और रजत पदक हासिल किया है जबकि बीएसएफ सिपाही हरिंदर सिंह ने एक कांस्य पदक जीता है। हरिंदर ने बीते संस्करण में भी कांस्य पदक जीता था।

भारतीय टीम में पहली बार शामिल मधु बागरी ने हैंड साइकिलिंग में कांस्य जीता। इसके साथ वह किसी अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में हैंड साइकिलिंग में पदक जीतने वाली पहली पैरा साइकिलिस्ट बनीं।

मधु पूर्व राष्ट्रीय व्हीलचेयर टेनिस चैम्पियन हैं और अब वह पूरी तरह पैरा साइकिलिंग पर अपना ध्यान केद्रित कर चुकी हैं। 2017 के मध्य में कोच आदित्य मेहता ने मधु को खेल बदलने और हैंड साइकिलिंग में हाथ आजमाने की सलाह दी थी।

बैंगलुरू की ट्रैफिक सम्बंधी समस्याओं से निजात पाने के लिए एमेच्योर साइकिलिस्ट के तौर पर साइकिलिंग शुरू करने वाले द्विज ने पोडियम सेरेमनी के बाद कहा, “मेरे लिए यह गर्व की बात है। मेरे साथियों ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। म्यामांर में तीन पदक यह साबित करते हैं कि भारत पैरा-साइकिलिंग के क्षेत्र में एक ताकत के तौर पर उभर चुका है। ऐसे में हमें दुनिया को अपना शक्ति का परिचय देने का मौका मिलना चाहिए।”

आदित्य मेहता और हैदराबाद स्थित एएमएफ फाउंडेशन इन खिलाड़ियों के साथ अथक मेहनत कर रहे हैं। आदित्य ने भारतीय खिलाड़ियो की सफलता पर खुशी जाहिर की। आदित्य ने कहा कि यह सफलता भारतीय खिलाड़ियों को अपने खेल पर अधिक से अधिक ध्यान लगाने के लिए प्रेरित करेगी।

आदित्य ने कहा, “मैं विजेता खिलाड़ियों को बधाई देना चाहता हूं। उनकी कामयाबी ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत पैरा साइकिलिंग के क्षेत्र मे एक शक्ति के रूप में उभर रहा है। हम मानते हैं कि आने वाले समय में हमारे खिलाड़ी इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।”

आदित्य सालों से भारत के पैरा साइकिलिस्टों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। वह सालों से भारतीय साइकिलिंग महासंघ (सीएफआई) की मदद से आदित्य मेहता फाउंडेशन के बैनर तले इन एथलीटों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

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