कटिहार (बिहार), 3 जुलाई (आईएएनएस)। खुदा की इबादत के महीने ‘माह-ए-रमजान’ को न सिर्फ रहमतों और बरकतों की बारिश का महीना माना जाता है बल्कि यह समूची मानव जाति को प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश भी देता है। इस दौरान कटिहार के फलका क्षेत्र के रोजेदारों ने नेकी की एक नायाब पहल की है, जिसकी सराहना आस-पास के सभी लोग कर रहे हैं।
कटिहार (बिहार), 3 जुलाई (आईएएनएस)। खुदा की इबादत के महीने ‘माह-ए-रमजान’ को न सिर्फ रहमतों और बरकतों की बारिश का महीना माना जाता है बल्कि यह समूची मानव जाति को प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश भी देता है। इस दौरान कटिहार के फलका क्षेत्र के रोजेदारों ने नेकी की एक नायाब पहल की है, जिसकी सराहना आस-पास के सभी लोग कर रहे हैं।
कटिहार जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर फलका बस्ती के मुस्लिम युवाओं ने इस पाक माह में जुमे की नमाज के बाद क्षेत्र में पौधारोपण का निर्णय लिया है। इसके लिए गुरुवार को रोजेदारों ने जनकल्याण के इस कार्य के लिए खुदा से विशेष दुआ भी की।
फलका बस्ती की हेलाल समिति के युवाओं ने शुक्रवार को जुमे के नमाज के बाद बस्ती में स्थित करीब 112 वर्ष पुरानी जामा मस्जिद के आसपास पौधारोपण किया।
समिति के अध्यक्ष शेख अब्दुल्लाह ने कहा, “आसपास के सड़कों के किनारे तथा सार्वजनिक स्थलों पर भी पौधारोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके तहत केवल फलदार ही नहीं बल्कि छायादार पौधों को भी लगाया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को विशेष ‘दावत-ए-इफ्तार’ का भी आयोजन किया गया है जिसमें लेगों को पौधारोपण के महत्व के विषय में जानकारी दी जाएगी तथा पौधारोपण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
समिति के सदस्य मोहम्मद कैसर रजा ने कहा, “इस वर्ष चक्रवाती तूफान ने पूरे मानव समाज को एक बड़ा सबक दिया है।” उनका मानना है कि धर्म की दीवारों से अलग अगर सभी संप्रदाय के लोग धार्मिक आयोजनों पर पौधारोपण को तवज्जो दें, तो हमारा पर्यावरण कभी असंतुलित नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि यह महीना इबादत का महीना होता है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपनी रूह को पवित्र करने के साथ अपनी तमाम हरकतों को भी पूरी तत्परता के साथ वश में रखने का होता है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह माह समाज कल्याण के काम करने का भी माह होता है। उन्होंने कहा कि समिति की यह पहल समाज के लोगों के लिए एक संदेश है।
इधर, मुस्लिम युवकों की इस पहल को न केवल मुस्लिम समाज बल्कि हिन्दू समाज के लोगों ने भी सराहा है। फलका निवासी राजेंद्र कुमार ने कहा कि मुस्लिमों की यह पहल स्वागतयोग्य है और समाज के हर तबके को इससे शिक्षा लेनी चाहिए।
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