प्रतिस्पर्धा पर नहीं, अपने खेल पर ध्यान : जलज सक्सेना (साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। घरेलू क्रिकेट में लगातार बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करने वाले हरफनमौला खिलाड़ी जलज सक्सेना का कहना है कि वह अपने करियर में उन चीजों पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं जो उनके हाथ में हैं। उन पर नहीं, जिन पर उनका नियंत्रण नहीं है।

नई दिल्ली, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। घरेलू क्रिकेट में लगातार बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करने वाले हरफनमौला खिलाड़ी जलज सक्सेना का कहना है कि वह अपने करियर में उन चीजों पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं जो उनके हाथ में हैं। उन पर नहीं, जिन पर उनका नियंत्रण नहीं है।

जलज इस बात से निराश नहीं हैं कि उनके शानदार प्रदर्शन को अभी तक अनदेखा किया गया है। वह इसे सकारात्मक रूप से लेते हैं और लगातार अपने खेल को सुधारने में जुटे हैं।

जलज ने बीते सीजन में केरल के लिए 40 विकेट लिए थे और 500 से ज्यादा रन बनाए थे। इससे पहले सीजन में मध्य प्रदेश से खेलते हुए जलज ने 49 से ज्यादा विकेट लिए थे और 500 से ज्यादा रन बनाए थे।

इस समय विजय हजारे ट्रॉफी में केरल की ओर से खेल रहे जलज ने फोन पर आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैं ज्यादा कुछ सोच कर मैदान पर नहीं उतरता। मैं इन चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता हूं क्योंकि यह मेरे हाथ में नहीं है। जो चीज मेरे हाथ में है, मैं उस पर ध्यान देता हूं।”

इस हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा, “मैं प्रतिस्पर्धा के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मेरा काम अच्छा प्रदर्शन करना है। मैं इसी पर ध्यान देता हूं। मैंने बचपन से लेकर अभी तक भारत के लिए खेलने के लिए तैयारी की है। मुझे नहीं लगता कि मेरा ध्यान इन चीजों पर जाना चाहिए कि मैं किसकी जगह टीम में आ रहा हूं। मैं इस बारे में कुछ नहीं सोचता।”

जलज केरल जाने से पहले मध्यप्रदेश से खेलते थे। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत इंदौर से ही की थी।

जलज से जब मध्यप्रदेश छोड़कर केरल जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुझे किसी ने कुछ नहीं कहा। न ही मुझे एमपी में दिक्कत थी। मैंने वहां खेल कर काफी कुछ सीखा है। केरल आने का फैसला मेरा खुद का था। करियर के लिहाज से मैंने सोचा कि एक छोटी टीम को मैं और ऊपर ले जाऊंगा तो शायद मेरे प्रदर्शन को ज्यादा सम्मान मिलेगा। इसी सोच से मैं एक छोटी टीम में गया और पिछले सीजन में उसे रणजी ट्रॉफी में क्वार्टर फाइनल तक ले जाने में मदद की। यह काफी संतोषजनक अहसास था।”

केरल टीम के कोच डेव व्हाटमोर हैं, जिन्होंने श्रीलंका को विश्व कप दिलाया था। जलज से जब व्हाटमोर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “निजी तौर पर मेरी उनसे ज्यादा बात नहीं हो पाई मेरी क्योंकि हम आमतौर पर सीजन के समय पर ही मिलते हैं। सीजन के समय में मैं ज्यादा तकनीकी चीजों में जाता नहीं हूं। हां, टीम के बारे में टीम के लक्ष्य के बारे में बात हुई है।”

जलज का मानना है कि एक खिलाड़ी कभी भी पूरा नहीं होता और इसलिए वह हर सीजन अपने अंदर नए सुधार करते रहते हैं।

बकौल जलज, “काफी चीजें हैं जिन पर मैं काम करता हूं। मैं कोशिश करता हूं कि मैं हर सीजन अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फिटनेस में सुधार करता रहूं। आप एक पूर्ण खिलाड़ी तो कभी नहीं होते आपको कभी न कभी कुछ न कुछ सीखना पड़ता है। मैं भी कोशिश करता हूं। हर सीजन अपने खेल में कुछ नया जोड़ना चाहता हूं और गलतियों को सुधारना चाहता हूं।”

जलज केरल में जाने के बाद टीम के मुख्य खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। जलज से जब पूछा गया कि क्या वह इस बात का दबाव महसूस करते हैं तो उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी का लुत्फ उठाते हैं। जलज ने कहा कि वह अपने करियर को लेकर ज्यादा दूर का नहीं सोचते हैं। वह हमेशा एक बार एक मैच पर ही ध्यान लगाते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं हमेशा एक बार में एक मैच के बारे सोचता हूं। जो मैच सामने आने वाला है, उस पर ध्यान लगाता हूं। ज्यादा दूर की नहीं सोचता हूं। हर मैच में मेरे सामने जो मौके आते हैं, वहां पर अच्छा करूं और टीम को जीत दिलाई इसी उम्मीद से मैदान पर उतरता हूं।

जलज से जब केरल की ताकत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस टीम का संयोजन काफी शानदार है।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमारी टीम का संयोजन काफी अच्छा है। टीम का वातावरण काफी शानदार है। हम काफी भाग्यशाली हैं कि हमें इस तरह का माहौल ड्रेसिंग रूम में मिल रहा है। मेरे हिसाब से यह इस टीम का सबसे मजबूत पक्ष है।”

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