नई दिल्ली, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)। प्रवेश शुल्क और परीक्षा शुल्क को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से बाहर करने की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मंगलवार को इसे ‘मनहूस/विकृत छात्र कर’ करार दिया।
कांग्रेस की छात्र इकाई ने एक बयान में कहा, “प्रवेश शुल्क और परीक्षा शुल्क पर 18 फीसदी जीएसटी लागू करने का प्रावधान आर्थिक रूप से कमजोर भारतीय समाज के पिछड़े छात्रों को शिक्षा से दूर रखने के लिए लागू किया गया है।”
एनएसयूआई ने कहा, “जीएसटी डीडीए स्र्पोट्स कांप्लेक्स जैसी खेल सुविधाओं पर भी लागू है, जिसका आम आदमी इस्तेमाल करते हैं।”
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