प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार नामवर सिंह का निधन (लीड-1)

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य जगत के प्रसिद्ध आलोचक व साहित्यकार नामवर सिंह का मंगलवार देर रात यहां निधन हो गया। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रामा सेंटर में मंगलवार देर रात उन्होंने आखिरी सांस ली। खराब सेहत की वजह से पिछले कुछ समय से वह एम्स में भर्ती थे। वह 92 वर्ष के थे।

उनके पुत्र वी.पी. सिंह ने आईएएनएस से कहा, “बड़े ही दुख के साथ, मैं सूचित करता हूं कि मेरे पिता प्रोफेसर नामवर सिंह बीती रात हमें छोड़ कर चले गए।”

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नामवर सिंह के निधन पर शोक जताया।

कोविंद ने ट्वीट कर कहा कि वह सिंह के निधन से काफी दुखी हैं और शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने हिंदी साहित्य में नए कीर्तिमान गढ़ने के लिए नामवर की सराहना की और कहा कि उनका निधन न केवल हिंदी साहित्य बल्कि भारतीय भाषा के लिए भी क्षति है।

नामवर सिंह ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एमए किया और पीएचडी की उपाधि हासिल की और फिर वहीं पर पढ़ाया। उन्होंने उसके बाद जोधपुर विश्वविद्यालय में भी पढ़ाया और सेवानिवृत्ति तक वे दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पढ़ाते रहे।

उन्हें 1971 में साहित्य अकादमी के पुरस्कार से नवाजा गया।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नामवर सिंह के निधन को एक युग का अंत करार दिया और कहा कि देश में संवाद बहाल करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

राहुल ने सोशल मीडिया पर कहा, “50 वर्षो तक हिंदी साहित्य के अगुवा और आलोचक नामवर सिंह के निधन के साथ एक युग की समाप्ति हो गई।”

उन्होंने कहा, “उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी समाज को सहिष्णु और लोकतांत्रिक बनाने में लगा दी। देश में संवाद बहाल करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

राहुल ने कहा, “वह हिंदी साहित्य आलोचना के ब्रांड एंबेसडर थे और उनके काम ने हिंदी भाषा और साहित्य को एक ठोस नींव प्रदान की। हमें उनके कार्य को आगे ले जाना है।”

अध्यापन करने के साथ उन्होंने बेहतरीन रचनाओं का सृजन किया। उनकी प्रमुख रचनाओं में छायावाद, इतिहास और आलोचना, वाद विवाद और संवाद, कविता के नए प्रतिमान शामिल हैं।

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