प्राकृतिक शक्कर फैटी लिवर रोग में असरदार

न्यूयार्क, 24 फरवरी (आईएएनएस)। प्राकृतिक शक्कर का एक रूप ‘ट्रीहलोज’ लीवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा घटाने में असरदार है, जो भविष्य में नॉनअल्कोहलिक फैटी लिवर रोग (एनएफएलडी) के उपचार में मददगार हो सकता है।

न्यूयार्क, 24 फरवरी (आईएएनएस)। प्राकृतिक शक्कर का एक रूप ‘ट्रीहलोज’ लीवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा घटाने में असरदार है, जो भविष्य में नॉनअल्कोहलिक फैटी लिवर रोग (एनएफएलडी) के उपचार में मददगार हो सकता है।

इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने चूहों पर परीक्षण किया। उन्होंने देखा कि आहार में फ्रक्टोज की उच्च मात्रा और भरपूर पानी के सेवन के साथ तीन प्रतिशत ट्रीहलोज (प्राकृतिक शक्कर के एक स्वरूप) की मौजूदगी से चूहों में फैटी लिवर का विकास रुक गया।

शोध के अनुसार, ट्रीहलोस लीवर में फ्रक्टोस ( नॉनअल्कोहलिक फैटी लिवर रोग का प्रमुख कारण) को घुसने से रोकता है।

ट्रीहलोज एक प्राकृतिक शक्कर है, जो पौधों और कीड़ों में पाई जाती है। इसमें दो ग्लूकोज के दो अणु एक साथ बंधे होते हैं।

वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन से इस अध्ययन के प्रथम लेखक ब्रायन जे डीबॉश ने बताया, “सामान्य तौर पर अगर आप किसी चूहे को उच्च-शर्करा वाला आहार खिला दें, तो उसे फैटी लिवर की शिकायत हो जाएगी।”

कई चिकित्सीय परीक्षणों के बाद ही मानवों पर इसकी जांच की जा सकती है।

डीबॉश कहते हैं, “मैं अपने मरीजों से ट्रीहलोज के सेवन की सिफारिश नहीं कर रहा हूं, लेकिन मेरी सलाह है कि वह फ्रक्टोज वाले आहार और शक्कर वाले पदार्थो के सेवन से बचने की कोशिश करें।”

यह शोध पत्रिका ‘साइंस सिग्नलिंग’ में प्रकाशित हुआ है।

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