टोक्यो, 11 मार्च (आईएएनएस)। जापान में सुबारू दूरबीन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं के एक दल ने 80 युवा आकाशगंगाओं को खोज निकाला है जो प्रारंभिक ब्रह्मांड में बिंगबैंग के बाद 1.2 अरब वर्ष पहले की है।
इस दल ने इन आकाशगंगाओं को हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन के एडवांस कैमरा फॉर सर्वे (एसीएस) द्वारा खींची गई तस्वीरों का विश्लेषण कर ढूंढा है।
एसीएस की तस्वीरों में 54 आकाशगंगाओं की स्थिति की पहचान कर ली गई है। उनमें से 8 आकाशगंगाओं में दोहरी संघटक संरचना है और बाकी के 46 की संरचना लंबी है।
शोधकर्ताओं ने कंप्यूटर सिमुलेसन्स के जरिये पाया कि ज्यादातर आकाशगंगाएं जो हब्बल दूरबीन से अकेली दिख रही थी, वे वास्तव में दो आकाशगंगाएं मिली हुई हैं। हालांकि आपस में मिली हुई इन दो आकाशगंगाओं की दूरी काफी कम थी इसलिए उनकी स्थिति की पहचान अलग-अलग करना मुश्किल है। यहां तक उच्च रेजोल्यूशन की तस्वीरों से भी उनकी स्थिति अलग-अलग तय करना मुश्किल है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि बिग बैंग के 1.2 अरब वर्ष के बाद ये युवा आकाशगंगाएं आपस में मिलने लगी जिससे कई सितारों का जन्म हुआ।
वर्तमान ब्रह्मांड में जो बिग बैंग के 13.8 अरब वर्ष के बाद का है, में कई सारी विशाल आकाशगंगाओं में 200 अरब सितारें समाहित हैं, जो हमसे हजारों प्रकाश वर्ष दूर हैं। ऐसी ही एक आकाशगंगा हमारा मिल्की वे भी है।
यह शोध हब्बल स्पेस दूरबीन (एचएसटी) के ट्रेजरी कार्यक्रम का एक हिस्सा था जिसे ‘कास्मिक इवोल्यूशन सर्वेक्षण (कासमॉस)’ नाम दिया गया।
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