लंदन, 5 जून (आईएएनएस)। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे द्वारा प्रौद्योगिकी कंपनियों पर शिकंजा कसने के वादे की काफी आलोचना हो रही है। शनिवार को लंदन में हुए आतंकी हमले के बाद उन्होंने यह घोषणा की थी। हमले में सात लोग मारे गए थे।
बीबीसी की रपट के मुताबिक, मे ने रविवार शाम कहा कि इंटरनेट के क्षेत्र को बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि प्रौद्योगिकी कंपनियां आंतकवादी विचारधाराओं को ‘सुरक्षित स्थान’ मुहैया कराती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम ऐसी विचारधारा को पनपने की अनुमति नहीं दे सकते.. यह इंटरनेट और बड़ी कंपनियों ने प्रदान किया है।”
मे की विचारधारा का समर्थन करते हुए गृह मंत्री अंबर रुड ने आईटीवी से कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा कट्टरता फैलाने से रोकने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संधि की आवश्यकता है।
लेकिन ऑनलाइन निजता और मुक्त विचारों की समर्थक, मुक्त अधिकार समूह ने नेताओं को आगाह किया है कि आंतकवादी नेटवर्क पर जरूरत से ज्यादा शिकंजा कसने से वे ‘वेब के और जटिल कोनों में’ जाकर छुप सकते हैं, जिसे ढूंढ़ना और पकड़ना और मुश्किल होगा।
मुक्त अधिकार समूह ने कहा, “इंटरनेट और फेसबुक जैसी कंपनियां घृणा और हिंसा नहीं फैलाती हैं, लेकिन इन औजारों का दुरुपयोग हो रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार और कंपनियों को संवेदनशीलता के साथ कदम उठाने चाहिए और इंटरनेट पर नियंत्रण कसना सरल समाधान नहीं है, जैसा कि थेरेसा मे दावा कर रही हैं।”
इस समूह ने मे की आलोचना को ‘बौद्धिक रूप से आलसी’ करार दिया है।
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