नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। बाल अधिकारों एवं लड़कियों को समान अधिकार दिलाने के लिए प्रयासरत गैर लाभकारी संगठन प्लान इंडिया ने प्लान इंपैक्ट अवार्डस के दूसरे संस्करण के विजेताओं को सम्मानित किया।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य समाज के जमीनी स्तर पर काम करने वाले उन कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों को सम्मानित करना है, जो देशभर के जिलों एवं गांवों में रहने वाले सर्वाधिक जरूरतमंद लोगों को आवश्यक एवं संवेदनशील सेवाएं पहुंचाने में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं।
शुक्रवार देर शाम आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत और दिग्गज अभिनेत्री व सामाजिक कार्यकर्ता शबाना आजमंी ने विजेताओं को पुरस्कार बांटे।
प्लान इंडिया की कार्यकारी निदेशक भाग्यश्री डेंगले ने कहा, “प्लान इंडिया विभिन्न समुदायों और गांव, जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मौजूद सरकारी सेवा प्रदाताओं के बीच एक मजबूत कड़ी निर्माण करने के प्रति समर्पित है, ताकि समाज के सबसे वंचित वर्ग तक पहुंचा जा सके। प्लान इंडिया इंपैक्ट अवार्डस हमारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।”
अमिताभ कांत ने कहा, “सभी सात उत्कृष्ट विजेताओं को उनकी प्रतिबद्धता, ²ढ़ता और समर्पण के लिए बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने अपने समाज में सभी लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का काम किया है। यह जमीनी कार्यकर्ता ही सरकार के विकास कार्यक्रमों तथा योजनाओं की बेहद आवश्यक जानकारी एवं उनके फायदे लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं, जिससे कई जिंदगियां बचाई जाती हैं।”
प्लान इंडिया इंपैक्ट अवार्डस के दूसरे संस्करण में 22 राज्यों से 289 नामांकन प्राप्त हुए और यह पुरस्कार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आउटरीच कार्यकर्ताओं, स्वैच्छिक सामाजिक कर्मियों जैसे जमीनी स्तर पर काम करने वाले और लड़कियों के अधिकारों के लिए प्रयासरत युवा चैंपियन, सर्वश्रेष्ठ बाल कल्याण समिति एवं सर्वश्रेष्ठ स्कूल प्रबंधन समिति के योगदान को मान्यता देते हैं।
शबाना आजमी ने कहा, “प्लान इंडिया इंपैक्ट अवार्डस के साथ यह मेरा दूसरा वर्ष है। मैंने इन पुरस्कारों की अवधारणा को विकसित होते देखा है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य ही इन्हें परिभाषित करती है। ऐसे काफी कम मंच हैं जहां उन लोगों को सामने लाया जाता है जो पर्दे के पीछे रहकर बिना थके काम करते हैं और बदले में किसी फायदे की उम्मीद नहीं करते। एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने लंबे सफर के दौरान मैंने यह देखा है कि एक सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन लाने के लिए ऐसे जमीनी कार्यकर्ता स्थानीय समुदायों की मदद करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं।”
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रेणी में ओडिशा की कनकलता रऊला विजेता रहीं, जिन्होंने अपने जीवन के 24 वर्ष महिला एवं बाल स्वास्थ्य जानकारी एवं सहायता में बिताए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का ऐसा सम्मान हासिल करना बेहद उत्साहजनक है। मेरा मानना है कि हमारी भूमिका एक मां और उसके बच्चे के कल्याण हेतु बेहद महत्वपूर्ण है और यह सम्मान ना सिर्फ मुझे प्रेरित करेगा बल्कि मेरे सहकर्मियों का भी मनोबल बढ़ाएगा।
मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा श्रेणी में सम्मान पाने वाली उत्तर प्रदेश की अनुपम सिंह अपने समाज की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए समर्पित रही हैं। उन्होंने कहा, “मैं पिछले 13 वर्षों से एक आशा के रूप में काम कर रही हूं और मुझे खुद पर बेहद गर्व है। निस्वार्थ भाव से अपने समाज के लोगों की सेवा करना मैं अपना कर्तव्य मानती हूं।”
झारखंड की 21 वर्षीय परी सिंह को यूथ चैंपियन फॉर गर्ल्स राइट अवार्ड दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज में अब भी काफी कुछ करने की जरूरत है, खासकर लैंगिक समानता, लड़कियों की शिक्षा, स्वच्छता सुविधाओं के क्षेत्र में काम करना होगा।
अन्य श्रेणियों में ओडिशा के पिताबस माझी को आउटरीच कार्यकर्ता के रूप में योगदान के लिए पुरस्कार दिया गया। भागीरथी मोहराना को कम्युनिटी वॉलंटियर श्रेणी में सम्मानित किया गया। राजस्था के बिकानेर जिले के झज्जू को सर्वश्रेष्ठ स्कूल प्रबंधन समिति के रूप में पुरस्कार मिला और महाराष्ट्र के ठाणे, मुंबई को सर्वश्रेष्ठ बाल कल्याण समिति के रूप में पुरस्कार दिया गया।
dharmpath.com dharmpath