इस गिरोह का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। गिरफ्तार नाइजीरियाई की पहचान फ्रैंक के रूप में हुई है। फिलहाल वह दिल्ली के विकासपुरी इलाके में रह रहा था। एसटीएफ ने उससे दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
दरअसल राजस्थान के रहने वाले मिठठन लाल ग्वाल ने पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि फेसबुक पर बने उसके दोस्त फ्रैंक ने अपनी महिला दोस्त रोजी उर्फ रोज के साथ मिलकर डालर देने के नाम पर एक लाख 55 हजार रुपये की ठगी की है। मामले की जांच कर रही राजस्थान पुलिस को पता चल कि घटना में इस्तेमाल मोबाइल सिम यूपी के उन्नाव जनपद से है। इस पर राजस्थान पुलिस ने यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा।
एसएसपी यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को बताया कि एसटीएफ टीम जांच में जुट गई। इस बीच टीम को बुधवार शाम खबर मिली कि आरोपी फ्रैंक अपने दोस्त से मिलने दिल्ली आएगा। इस सूचना पर यूपी एसटीएफ और राजस्थान पुलिस ने आरोपी फ्रैंक को दिल्ली के विकास पुरी थानाक्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में फ्रैंक ने बताया कि वे लोग भारत में ही रहकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को दोस्त बनाते हैं और झांसा देकर किसी भारतीय के ही बैंक एकाउंट्स में रकम मंगवाते हैं। फिर जिसका एकाउन्ट है उसे 10 प्रतिशत कमीशन देर एटीएम से तुरन्त रकम निकाल लेते हैं। अपनी पहचान छिपाने के लिए वह चेहरे को कपड़े से ढक उस एटीएम को चुनते हैं, जहां का कैमरा खराब हो या कैमरा न हो।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसकी तरह कई नाईजीरियन युवक सैकड़ो लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं और इस काम के लिए कुछ भारतीय लड़कियों को भी कमीशन के आधार पर अपने नेटवर्क में रखा है। जो आरबीआई, इन्कम टैक्स, और कस्टम ऑफिसर के नाम से फोन कर लोगों को बेवकूफ बनाते हैं और डरा कर पैसा बैंक खातों में जमा करवा लेते हैं। एसटीएफ इस गिरोह के पूरे नेटवर्क के सम्बन्ध में छानबीन कर रही है।
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