फावेला के वंचितों को नहीं मिल रहा ओलम्पिक का लाभ

रियो डी जनेरियो, 18 अगस्त (आईएएनएस)। ब्राजील में चल रहे रियो ओलम्पिक पर लाखों डॉलर खर्च किए जा चुके हैं और रियो के पश्चिमी हिस्से में विकसित खेल गांव में सैकड़ों खिलाड़ियों के लिए साफ-सुथरी रिहाईश की व्यवस्था की गई है, लेकिन रियो में ही स्थित सबसे बड़ी मलिन बस्ती, जिसे स्थानीय भाषा में फावेला कहते हैं, के विकास पर शायद खर्च करने के लिए कुछ नहीं है।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, रियो के दक्षिणी हिस्से में रोसिन्हा काफी बड़ी मलिन बस्ती या फावेला है, जहां अधिकतर घर एक पहाड़ी पर बने हुए हैं और बुनियादी ढांचे के हालात यह हैं कि सीवर से बहता गंदा पानी और कूड़े का ढेर रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।

एक सामुदायिक संगठन ‘रोसिन्हा सेम फ्रंटियर्स’ जिसका अंग्रेजी में आशय है ‘रोसिन्हा विदाउट बॉर्डर्स’ के प्रवक्ता जोस मार्टिस डी ओलीवीरा ने बुधवार को कहा कि इस मलिन बस्ती में सीवर के खुले गंदे 23 से अधिक नाले बहते हैं, वह भी लोगों के घरों से सटकर।

ओलम्पिक खेलने आए खिलाड़ियों को रात के समय रोसिन्हा शायद अपनी जगमग रोशनी के चलते खूबसूरत लगता हो। लेकिन ओलम्पिक आयोजन स्थल कोपाकाबान स्टेडियम की ओर से रोसिन्हा को पूर्वी दिशा की ओर से देखने पर साफ पता चल जाएगा कि वहां सरकार ने शायद सिर्फ एक बार कुछ निवेश किया था, जिसके बीते काफी समय हो चुका है।

ओलीवीरा ने कहा, “ओलम्पिक का मेरे लिए मतलब है कि साफ-सफाई, जो इससे पहले कभी नहीं हुई। ओलम्पिक का मेरे लिए मतलब है गुआनाबारा की खाड़ी, जिसकी साफ-सफाई के लिए संसाधन तो हैं लेकिन जो कभी हुई नहीं। ओलम्पिक का मेरे लिए मतलब सुरक्षा में कमी है, क्योंकि रियो में सुरक्षा बल लोगों का सुरक्षा प्रदान करने में असफल साबित हुए हैं।”

आधिकारिक जनगणना के अनुसार, रोसिन्हा रियो का सबसे बड़ा फावेला है जिसमें 70,000 के करीब लोग रहते हैं, लेकिन गैर-सरकारी आंकड़ों की मानें तो रोसिन्हा की आबादी 1.5 से दो लाख के करीब है।

बाहर से आए लोग शायद यहां फैली गंदगी और कूड़े का अंबार देख चौंक जाएं, लेकिन यहां स्थानीय निवासियों के पास कोई विकल्प नहीं है और वे इसी उम्मीद में रह रहे हैं कि शायद इस स्थिति में कभी सुधार हो।

हालांकि सारे लोग सिर्फ हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए नहीं हैं, बल्कि कुछ संगठन तो दशकों से रियो प्रशासन से सफाई व्यवस्था को लेकर लड़ रही है और यह लड़ाई अदालत तक भी पहुंच चुकी है।

सामाजिक दबाव के चलते हालांकि ब्राजीलियाई सरकार ने इन मलिन बस्तियों में थोड़ा बहुत विकास कार्य किए। जिसके तहत रोसिन्हा में एक खेल प्रांगण, एक स्वास्थ्य केंद्र, एक पुस्तकालय स्थापित किए गए और सड़कें बनवाई गईं।

रोसिन्हा में विकास कार्यो के दूसरे चरण में सीवर और कचरा प्रबंधन सेवाओं में सुधार करना था, लेकिन फरवरी, 2015 के बाद से इसके लिए बजट ही नहीं मिला है।

इसके पीछे हालांकि ब्राजील में चल रही राजनीतिक अस्थिरता भी जिम्मेदार है। और अब ओलम्पिक खेलों की समाप्ति के बाद इस ओर से सरकार के उदासीन होने की भी पूरी संभावना है।

हालांकि रोसिन्हा सेम फ्रंटियर्स ने हार नहीं मानी है और वे नियमित तौर पर हर सप्ताह सामुदायिक सेवाओं में सुधार और साफ-सफाई पर बैठकें करते हैं।

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