फिनलैंड की ‘क्रिमनल सैक्शन्स एजेंसी’ ने शुक्रवार को घोषणा की कि फिनलैंड में जेल के कैदियों को ई-मेल देखने का अधिकार दिया गया है और बाद में उन्हें सीमित अवधि तक इंटरनेट इस्तेमाल करने की सुविधा भी दी जाएगी।
वरिष्ठ विशेषज्ञ काटी सुनिमेंटो ने कहा, “फिनलैंड के इस कदम को यूरोप के अन्य देश रुचिपूर्वक देख रहे हैं।”
एजेंसी ने कहा कि इस कदम के तहत, प्रारंभिक रूप में कैदियों को केवल ई-मेल देखने की सुविधा दी जा रही है, लेकिन अगले साल के अंत से उन्हें इसका जवाब देने का अवसर भी मिलेगा। वह कैदियों को फेसबुक जैसे सोशल मीडिया के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देंगे।
इस कदम से शिक्षा के अधिक अवसर प्रदान करने की उम्मीद है। उदाहरण के रूप में फिनलैंड मैट्रिक परीक्षा ऑनलाइन भी ली जा सकेगी।
एजेंसी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि डिजिटल वातावरण में कार्य करने में सक्षम होना वर्तमान में नागरिक की क्षमता के लिए आवश्यक है।
फिनलैंड में यह सुविधा उन्हीं जेलों में दी गई हैं, जो पूरी तरह से बंद हैं, क्योंकि यहां एक-तिहाई जेल ऐसी भी हैं, जहां कैदियों को दिन के समय बाहर जाने और शाम तक वापस आने की अनुमति दी गई है।
इस तरह की जेलों में कैदी जेल के बाहर इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
एजेंसी ने बताया कि कैदियों को भेजी जाने वाली ई-मेल में फोटो भेजने की अनुमति नहीं है।
एजेंसी ने कहा कि वकीलों को यह फैसला लेना होगा कि वह कैदियों से बातचीत के लिए ई-मेल का इस्तेमाल करना चाहते हैं या नहीं?
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