ज्यूरिख, 18 नवंबर (आईएएनएस)। फुटबाल की विश्व नियामक संस्था फीफा ने बुधवार को अध्यक्ष सेप ब्लाटर और उपाध्यक्ष माइकल प्लाटिनी की अपने प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि फीफा ने भ्रष्टाचार के कई आरोपों के चलते दोनों शीर्ष खेल प्रशासकों को 90-90 दिन के लिए अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है।
ब्लाटर और प्लाटिनी के खिलाफ फीफा की इथिक्स कमिटी द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू किए जाने के बाद अक्टूबर में यह प्रतिबंध लगाया गया।
इस प्रतिबंध के कारण ब्लाटर जहां अध्यक्ष के कार्यकारी पद पर नहीं रहे वहीं प्लाटिनी अगले वर्ष 26 फरवरी को होने वाले अगले अध्यक्ष पद के चुनाव में खड़े नहीं हो सके।
ब्लाटर पर फीफा के लिए ‘अहितकारी’ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने और प्लाटिनी को 20 लाख यूरो के करीब राशि का ‘अवैध भुगतान’ करने का आरोप है। गौरतलब है कि प्लाटिनी यूरोपीय फुटबाल संघ यूईएफए के अध्यक्ष हैं।
हालांकि दोनों ही व्यक्तियों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
फीफा ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “फीफा की अपील कमिटी के अध्यक्ष लैरी मुसेनडेन ने ब्लाटर और प्लाटिनी की याचिका खारिज कर दी और फीफा की इथिक्स कमिटी के फैसले को समग्रता से लागू रखा।”
फीफा ने बताया कि ब्लाटर और प्लाटिनी को बुधवार को फैसले से अवगत करा दिया गया है और वे इसके खिलाफ खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस) में अपील कर सकते हैं।
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