बेंगलुरू, 11 नवंबर (आईएएनएस)। फीफा विश्व कप-2018 के क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में अब तक अपने सारे मैच हार चुकी भारतीय टीम गुरुवार को जब श्री कांतिवीरा स्टेडियम में घरेलू दर्शकों के सामने गुवाम का सामना करने उतरेगी तो उन पर गिरे मनोबल से उबरकर वापसी करने की दबाव रहेगा।
भारत के लिए एशिया कप के लिए क्वालीफाई करने की संभावनाएं भी बहुत कम ही बची हैं और गुवाम से मिली पहले चरण में हार का भी उसे बदला लेना है।
भारतीय टीम ग्रुप-डी में इस समय सबसे निचले पायदान पर है, जबकि ओमान शीर्ष पर हैं। पांच टीमों के इस ग्रुप में गुवाम चौथे पायदान पर है।
155वीं विश्व वरीयता प्राप्त बेहद छोटे से देश गुवाम ने अपने घरेलू मैदान पर खेले गए पहले चरण के मैच में भारत को 2-1 से हराया था, इसलिए गुरुवार के मैच को लेकर उनका मनोबल ऊंचा होगा।
भारतीय टीम की विश्व कप क्वालीफाइंग के अगले राउंड में प्रवेश करने की संभावनाएं तो खत्म हो ही चुकी हैं, अगर वे यह मैच भी हार जाते हैं तो वे एशिया कप में प्रवेश पाने का मौका भी गंवा देंगे।
बेंगलुरू में भारी बारिश के बीच दोनों टीमें गुरुवार के मैच के लिए अभ्यास में जुटी हुई हैं, हालांकि भारतीय कोच स्टीफेन कोंस्टेनटाइन पहले ही हथियार डालते हुए गुवाम को जीत का दावेदार बता दिया है।
कोंस्टेनटाइन ने बुधवार को कहा, “गुवाम के सात अंक हैं। वे फीफा रैंकिंग में भी हमसे ऊपर हैं। इसलिए निश्चित तौर पर वे जीत के प्रबल दावेदार हैं। लेकिन अंतत: कल क्या होता है, उसका कल ही निर्णय होगा।”
उन्होंने कहा, “कुछ भी हो हमने अब तक अपनी पूरी क्षमता से नहीं खेला और अब तक हमारे सभी मैचों में ऐसा ही होता रहा। चार मैच पहले तक हमारी टीम एक मजबूत टीम थी। मैं गुवाम और उनके कोच का सम्मान करता हूं। लेकिन हमें प्लेऑफ खेलने के लिए और अंकों की जरूरत है।”
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