फेसबुक के फर्जी लाइक

downloadबड़े बड़े सितारे, कारोबारी और यहां तक कि अमेरिका का विदेश मंत्रालय भी पैसे देकर सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता बढ़ा रहा है. ये सब फेसबुक और ट्विटर पर फर्जी लाइक और फॉलोअर खरीद रहे हैं.इनके चक्कर में दुनिया भर में “क्लिक फार्म” बन गए हैं, जो दिन भर बैठ कर माउस क्लिक करते रहते हैं. यूट्यूब के वीडियो के व्यू बढ़ाते हैं और फेसबुक के लाइक बढ़ाते हैं, शेयर करते रहते हैं. 10 साल पहले जब फेसबुक बना, तो लोगों ने अपने वित्तीय फायदों के लिए सोशल नेटवर्किंग का इस्तेमाल शुरू किया. नए दोस्त बनाने शुरू किए और कारोबारी फायदे को देखा.

लेकिन अमेरिकी समाचार एजेंसी एपी का कहना है कि उसने इस विषय पर शोध किया है और उसे पता चला है कि कई कंपनियां फर्जीबाड़े में लगी हैं, वे नकली क्लिक खरीद रही हैं.2013 में ट्विटर के फर्जी फॉलोअर चार से 36 करोड़ डॉलर का कारोबार प्रभावित कर सकते हैं. इसी तरह फेसबुक की गतिविधियों से 20 करोड़ डॉलर प्रभावित हो सकता है.

यही वजह है कि कई कंपनियां अपनी टीम के साथ फर्जी क्लिक की खरीद बिक्री के धंधे में लगी हैं. इन पर लगाम कसने वाले जब भी एक तरीके को नाकाम करते हैं, कोई दूसरा तरीका उभर जाता है. यूट्यूब ने कई ऐसे वीडियो को हटा दिया है, जिन पर फर्जी तरीके से बहुत ज्यादा व्यू दिखाया गया था. यूट्यूब का मालिक यानी गूगल भी उन लोगों से निपटने की कोशिश कर रहा है, जो फर्जी क्लिक के धंधों में लगे हैं. फेसबुक की ताजा तिमाही रिपोर्ट में कहा गया है कि 1.18 अरब यूजर में से 1.41 करोड़ फर्जी हैं.

ट्विटर के जिम प्रोसर का कहना है, “आखिर में, उनके अकाउंट सस्पेंड कर दिए जाते हैं. और इसकी वजह से लोग फॉलोअर का नुकसान झेलते हैं.” लिंक्डइन के प्रवक्ता डो मैडे का कहना है कि कनेक्शन ‘खरीदने’ से सदस्य के अनुभव वाला खाना कमजोर होता है. इससे समझौते का उल्लंघन भी होता है और खाता बंद किया जा सकता है. गूगल की प्रवक्ता आंद्रेया फाविले कहती हैं कि गूगल और यूट्यूब “उन खराब एक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करता है, जो उनके सिस्टम को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं.”

 

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