लंदन, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। बड़े पैमाने पर हुए फेसबुक डेटा घोटाले के बाद अब पता चला है कि ट्विटर ने भी यूजर्स का डेटा कैम्ब्रिज एनालिटका के शोधकर्ता को बेचा था, जिसने करीब 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा बिना उनकी जानकारी या अनुमति के बिना एकत्र किया था।
द संडे टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विटर ने अलेक्जेंडर कोगन को 2015 में ‘एक दिन के लिए’ सार्वजनिक डेटा तक पहुंच मुहैया कराया था। कोहोन उस समय कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिक शोधकर्ता थे और उनकी कंपनी का नाम ग्लोबल साइंस रिसर्च (जीएसआर) था।
रिपोर्ट में कहा गया, “ट्विटर ने कहा कि जीएसआर ने एक दिन के पहुंच के लिए भुगतान किया था, और 2014 के दिसंबर से 2015 के अप्रैल तक की अवधि के सार्वजनिक ट्वीट्स का ‘रैंडम सैंपल’ तैयार किया। ट्विटर ने आगे कहा कि उसे निजी सूचनाओं तक पहुंच की कोई जानकारी नहीं मिली है।”
इस दौरान ट्विटर ने 2018 की पहली तिमाही में साल-दर-साल आधार पर राजस्व में 21 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है और यह 66.5 करोड़ डॉलर रही है।
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