फोटोग्राफर रूपिन थॉमस की चमत्कृत करने वाली तस्वीरें प्रदर्शित

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। फोटोग्राफर रूपिन थॉमस की पहली प्रदर्शनी में खूबसूरत शहर पेरिस की विभिन्न पहलुओं को जीवंत करने वाली तस्वीरों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसमें पेरिस के लुभावने रास्तों, प्रतिश्ठित वास्तुकलाओं, कब्रिस्तानों, सूर्यास्त तथा जीवंत भित्तिचित्रों को प्रदर्शित किया गया है।

एक सप्ताह तक चलने वाली ‘ला विए ए पेरिस: ए स्टडी इन वोलिशन’ प्रदर्शनी का उद्घाटन ललित कला अकादमी में रविवार की शाम नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर रितू बेरी के साथ मिलकर किया। इन्होंने उद्घाटन प्रदर्शन के मौके पर फोटोग्राफर रूपिन द्वारा डिजाइन किए गए एक कैटलॉग का भी विमोचन किया। इस कैटलॉग की अवधारणा भी रूपिन ने बनाई।

‘प्रेम के शहर’ के रूप में मशहूर पेरिस के जीवन एवं शहर के खूबसूरत नजारों को कैद करने वाली 50 तस्वीरें प्रदर्शित की गई हंै। रूपिन ने मुख्य तौर पर शहर के नए एवं पुराने के बीच के शानदार सम्मिश्रण को उजागर किया है।

अमिताभ कांत ने कहा, “रूपिन की कृतियों को देखना खुशी की बात है। उन्होंने दुनिया के सर्वाधिक आकर्षक शहरों में एक शहर – पेरिस के अहसास को जीवंत किया है। पेरिस हमेशा से यात्रियों के लिए एक पसंदीदा शहर रहा है। इसका इतिहास, यहां के लोग एवं यहां की संस्कृति मनमोहक है। यह शहर यहां रह रहे अफ्रीका, अरब जगत एवं अन्य देशों के लोगों के बहुसांस्कृतिक लोकाचार को खुबसूरती के साथ प्रतिबिम्बित करता है। चित्रकार ने शहर के एकांत पलों के अलावा शहर के पार्को में गुलजार करने वाले लोगों को भी अपने कैमरे में उतारा है।”

34 वर्षीय रूपिन का प्रशिक्षण एक अर्थशास्त्री के रूप में हुआ और उन्होंने अपने जीवन के दस साल अमेरिका तथा चार साल यूरोप भर की यात्राओं में बिताया।

इस प्रदर्शनी को उमा नायर ने क्यूरेट किया है। इन चित्रों को कुल 6000 तस्वीरों में से चुना गया है और प्रसिद्ध एफिल टावर तथा 10 वें प्रांत की चित्रों के साथ इन्हें चार भागों में प्रदर्शित किया गया है। इनके चार विशिष्ट भाग हैं – लैंडस्केप, स्थिर जीवन अध्ययन, सौलेटेयर -शांत कोन और स्ट्रीट आर्ट एवं भित्तिचित्र।

डिजाइनर रितु बेरी ने फोटोग्राफर को बधाई देतु हुए कहा, “यह एक शानदार प्रदर्शनी है और ये चित्र शहर के साथ न्याय करते हैं। मेरे लिए पेरिस मेरा दूसरा घर है और मैंने अक्सर महसूस किया है कि मैं अपने पिछले जीवन में फ्रेंच में थी क्योंकि 20 साल पहले जब मैं पहली बार पेरिस गई तो वहां की भाषा को नहीं जानने के बावजूद मैं वहां के जीवन में पूरी तरह से ढल गई।”

उन्होंने कहा कि पेरिस भारत की तरह ही सुंदर है। मेरा कहना है कि रूपिन को अपनी अगली प्रदर्शनी भारत को लेकर आयोजित करनी चाहिए।

कांत ने भी फोटोग्राफर से आग्रह किया कि उन्हें अपनी अगली कृतियों को भारत को लेकर बनानी चाहिए।

प्रसिद्ध कलाकार अर्पणा कौर भी इस प्रदर्शनी को देखने आने वाले आरंभिक अतिथियों में शामिल थीं। अर्पणा कौर रूपिन की कृति को हासिल करने वाली पहली कलाकार बनी और उन्होंने प्रदर्शनी की थीम ‘क्वाइट कोनर्स’ से जुड़े एक कब्रिस्तान में पड़े तीन पैरों वाली कृर्सी को दिखाने वाली चित्र को बुक किया।

यह प्रदर्शनी 25 फरवरी तक चलेगी।

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